आमिर खान पर 'लव जिहाद' का आरोप: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने नितेश राणे के बयान को बताया हकीकत
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने 14 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा अभिनेता आमिर खान पर लगाए गए आरोपों का खुलकर समर्थन किया। परमहंस आचार्य ने कहा कि यह कोई आरोप नहीं, बल्कि हकीकत है। उन्होंने राम मंदिर दान में कथित चोरी की जाँच, समाजवादी पार्टी (सपा) के विवादित पोस्टरों और राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी बैठक पर भी अपनी राय रखी।
आमिर खान और 'लव जिहाद' पर परमहंस आचार्य का बयान
परमहंस आचार्य ने कहा कि आमिर खान ने तीन विवाह किए और कथित तौर पर तीनों हिंदू महिलाओं से — उनके अनुसार यह 'लव जिहाद' को बढ़ावा देने का एक संदेश है। उन्होंने कहा, 'नितेश राणे ने जो बात कही है, वह आरोप नहीं, हकीकत है।' उनका यह भी कहना था कि जो लोग हिंदू बहन-बेटियों को फंसाने का काम कर रहे हैं, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए। उन्होंने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश करार दिया।
राम मंदिर दान चोरी: एसआईटी जाँच पर भरोसा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान की कथित चोरी के मामले पर परमहंस आचार्य ने कहा कि यह ट्रस्ट सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर गठित हुआ था और वर्तमान में एसआईटी पूरी ईमानदारी से जाँच कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम विरोधी तत्वों ने मंदिर और ट्रस्ट को बदनाम करने की कोशिश की। उनके अनुसार, जिस कर्मचारी पर चोरी का आरोप है, उसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने माँग की कि यदि किसी ने एक रुपए की भी चोरी की है, तो पूरी राशि वसूल कर कठोरतम सजा दी जाए।
सपा के विवादित पोस्टरों पर निशाना
अयोध्या में समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से लगाए गए विवादित पोस्टरों और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर परमहंस आचार्य ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सपा पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करती रही और अब मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने माँग की कि अखिलेश यादव स्पष्ट करें कि उन्होंने मंदिर में कथित लूट का दावा किस आधार पर किया — यदि उनके पास ठोस प्रमाण हैं तो सार्वजनिक करें, अन्यथा जनता को जवाब दें।
22 जुलाई की बैठक और निष्पक्ष जाँच की माँग
राम मंदिर ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक के संदर्भ में परमहंस आचार्य ने कहा कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए — न सत्ता पक्ष, न विपक्ष और न ही किसी साधु-संत का इस पर दबाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मंदिर से जुड़े कई भ्रामक दावे किए गए, जिनका ट्रस्ट ने सार्वजनिक रूप से खंडन किया। जाँच में 'दूध का दूध और पानी का पानी' होना चाहिए ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले।
श्रद्धालुओं की संख्या पर असर
चोरी की खबरों के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के सवाल पर परमहंस आचार्य ने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में कुछ असर पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद संख्या फिर बढ़ने लगी। उनके अनुसार, फिलहाल बरसात, कृषि मौसम और स्कूल खुलने की वजह से भी आवाजाही सामान्यतः कम रहती है और भविष्य में श्रद्धालुओं की तादाद फिर बढ़ेगी।