'खामोश आहटें' में राकेश बापट संग काम का अनुभव बोलीं सान्वी तलवार: 'अच्छा को-स्टार मिले तो परफॉर्मेंस निखर जाती है'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सान्वी तलवार इन दिनों अपनी नई साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर सीरीज 'खामोश आहटें' के चलते चर्चा में हैं, जो 10 जुलाई को रिलीज हुई। इस सीरीज में उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है जो भावनाओं, रहस्य और अलौकिक डर के बीच उलझी हुई है — और दर्शकों के बीच उनकी अदाकारी को जबरदस्त सराहना मिल रही है।
राकेश बापट के साथ स्क्रीन शेयर करने का अनुभव
सान्वी ने राकेश बापट के साथ काम करने के अनुभव को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, 'राकेश बापट के साथ स्क्रीन शेयर करने का तालमेल बहुत शानदार रहा। मैंने उन्हें फिल्म 'तुम बिन' में देखा था, इसलिए जब मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला, तो यह मेरे लिए एक बड़ा सरप्राइज था।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'जब किसी कलाकार को अच्छा को-स्टार मिलता है, तो उसके लिए अपना किरदार निभाना आसान हो जाता है। सामने वाला कलाकार जितना बेहतर अभिनय करता है, उतना आपका प्रदर्शन निखरकर सामने आता है।' सीरीज में राकेश बापट ने सान्वी के ऑनस्क्रीन पति की भूमिका निभाई है।
सीरीज की खासियत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
'खामोश आहटें' एक साइकोलॉजिकल हॉरर थ्रिलर है जिसमें सस्पेंस, इमोशन और सुपरनेचुरल तत्वों को अनूठे ढंग से बुना गया है। सान्वी के अनुसार इस प्रोजेक्ट की एक विशेष बात यह है कि इसमें भारत के साथ-साथ पाकिस्तान और दुबई के कलाकारों ने भी काम किया है, जिससे यह एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय सहयोग बन गया है।
किरदार 'रिया' की कहानी
सान्वी ने सीरीज में रिया का किरदार निभाया है, जो पूरी कहानी का केंद्रीय चेहरा है। उनके शब्दों में, 'वह एक ऐसी महिला है, जो अपने परिवार से बेहद प्यार करती है — एक समर्पित माँ, एक जिम्मेदार पत्नी और अपने भाई-बहनों का ख्याल रखने वाली बहन।' रिया की जिंदगी तब उलट-पुलट हो जाती है जब वह एक रहस्यमयी 'चक्रव्यूह श्राप' में फँस जाती है, जहाँ हर वादा एक बलिदान की माँग करता है। इसके बाद कहानी में डर, रहस्य, इमोशन और सस्पेंस एक साथ घुलते-मिलते हैं।
करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिका
सान्वी ने माना कि रिया का रोल उनके करियर की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक रहा। उन्होंने कहा, 'इस किरदार ने मुझे लगातार अलग-अलग भावनाएँ दिखाने का मौका दिया — कभी डर, कभी दर्द, कभी हिम्मत और कभी परिवार को बचाने की जिद। यही बदलाव किरदार को खास और यादगार बनाता गया।' उन्होंने यह भी कहा कि इस रोल ने उन्हें एक कलाकार के तौर पर खुद को बेहतर ढंग से समझने का अवसर दिया।
आगे की राह
'खामोश आहटें' की सफलता के साथ सान्वी तलवार ओटीटी और टीवी दोनों मोर्चों पर अपनी पहचान मजबूत करती दिख रही हैं। दर्शकों की प्रतिक्रिया देखते हुए यह सीरीज हिंदी ओटीटी स्पेस में साइकोलॉजिकल थ्रिलर विधा को एक नई दिशा दे सकती है।