अमृत भारत स्टेशन योजना: PM मोदी 17 जुलाई को पंजाब के 4 रेलवे स्टेशनों का करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे पंजाब में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए गए चार रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने 14 जुलाई को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम राज्य के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक निर्णायक मील का पत्थर है।
कौन से स्टेशन होंगे उद्घाटित
ढिल्लों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का उद्घाटन स्वयं उपस्थित होकर करेंगे। वहीं एस.ए.एस. नगर (मोहाली) रेलवे स्टेशन, श्री मुक्तसर साहिब रेलवे स्टेशन और श्री आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशन को वे वर्चुअल माध्यम से देश को समर्पित करेंगे। इन चारों स्टेशनों को आधुनिक यात्री-केंद्रित ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है।
क्या-क्या बदला इन स्टेशनों में
इस पुनर्विकास में यात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखते हुए आधुनिक कॉनकोर्स, अपग्रेडेड प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, विस्तृत वेटिंग एरिया और सुगम पहुँच के इंतज़ाम किए गए हैं। ढिल्लों ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि इन स्टेशनों की स्थानीय विरासत और स्थापत्य पहचान को बनाए रखते हुए उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है।
अमृत भारत स्टेशन योजना का व्यापक लक्ष्य
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक प्रवेशद्वार के रूप में पुनर्विकसित करना है, ताकि कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को बल मिले। ढिल्लों ने कहा कि यह चार स्टेशनों का उद्घाटन पंजाब में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
राजनीतिक संदर्भ
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पंजाब में विधानसभा चुनाव कुछ महीने दूर हैं और राजनीतिक दल अपनी रणनीतियाँ तेज़ कर रहे हैं। गौरतलब है कि BJP, जो पंजाब में दशकों से गठबंधन राजनीति पर निर्भर रही है, इस दौरे को विकास-केंद्रित संदेश के साथ मतदाताओं तक पहुँचने के अवसर के रूप में देख रही है। जालंधर कैंट स्टेशन पर सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा और लॉजिस्टिक्स की तैयारियाँ जोरों पर हैं।
आगे क्या
17 जुलाई के इस कार्यक्रम के साथ पंजाब में केंद्र सरकार के रेलवे निवेश की एक नई कड़ी जुड़ेगी। BJP के अनुसार, रेल, सड़क और अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में निरंतर निवेश राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में केंद्र की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।