14 जुलाई 2026
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सीएसडी आधुनिकीकरण पर रांची में बड़ी बैठक, संजय सेठ ने बजट बढ़ाने और पूर्व सैनिकों की सुविधाओं पर दिए निर्देश

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सीएसडी आधुनिकीकरण पर रांची में बड़ी बैठक, संजय सेठ ने बजट बढ़ाने और पूर्व सैनिकों की सुविधाओं पर दिए निर्देश

सारांश

रांची में बीओसीसीएस की 80वीं बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सीएसडी के बजट, डिपो आधुनिकीकरण और पूर्व सैनिकों की सुविधाओं की समीक्षा की। रामगढ़ डिपो पाँच पायलट डिपो में शामिल; सहकारी संस्थाओं के उत्पाद अब सीएसडी पोर्टफोलियो में जुड़ेंगे।

मुख्य बातें

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 14 जुलाई 2026 को रांची में बीओसीसीएस की 80वीं बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में सीएसडी के बजट सहायता बढ़ाने, डिपो आधुनिकीकरण और इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाने पर चर्चा हुई।
टीआरआईएफईडी, केवीआईसी, एनएएफईडी और अन्य सहकारी संस्थाओं के उत्पाद चरणबद्ध तरीके से सीएसडी पोर्टफोलियो में शामिल किए जाएंगे।
सीएसडी डिपो रामगढ़ का निरीक्षण किया गया; यह पाँच पायलट डिपो में से एक है जिसे आधुनिकीकरण के लिए चुना गया है।
दिव्यांग रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 14 जुलाई 2026 को रांची, झारखंड में बोर्ड ऑफ कंट्रोल कैंटीन सर्विसेज (बीओसीसीएस) की 80वीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (सीएसडी) की संचालन व्यवस्था, बजट सहायता और लाभार्थी सेवाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में रक्षा कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली कैंटीन सुविधाओं की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में क्या-क्या हुई चर्चा

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में बजट सहायता बढ़ाने, सीएसडी डिपो के आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाने, सप्लाई चेन में सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को शामिल करने और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में रक्षा मंत्रालय, तीनों रक्षा सेवाओं और सीएसडी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि सीएसडी में किए जा रहे बदलाव रक्षा समुदाय की बदलती जरूरतों और लाभार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर सुधार जारी हैं।

स्वदेशी और सहकारी उत्पादों को मिलेगी जगह

सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, सहकार से समृद्धि और वोकल फॉर लोकल के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएसडी अपने सप्लाई नेटवर्क के ज़रिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने बताया कि ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीआरआईएफईडी), खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनएएफईडी) और नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड समेत अन्य संस्थाओं के उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से सीएसडी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में शामिल किया जा रहा है।

यह कदम स्थानीय कारीगरों, आदिवासी समुदायों, किसानों और सहकारी संगठनों के लिए नए बाज़ार के द्वार खोलेगा — यह ऐसे समय में आया है जब सरकार सहकारी क्षेत्र को राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर ज़ोर दे रही है।

दिव्यांग सैनिकों और पूर्व सैनिकों पर विशेष ध्यान

बैठक में रक्षा बलों के दिव्यांग कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि कैंटीन सेवाओं के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की बेहतर देखभाल सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

रामगढ़ डिपो का निरीक्षण, पाँच पायलट डिपो में शामिल

रांची दौरे के दौरान संजय सेठ ने सीएसडी डिपो रामगढ़ का भी निरीक्षण किया। यह उन पाँच पायलट डिपो में शामिल है, जिन्हें आधुनिकीकरण के लिए चुना गया है। मंत्री ने डिपो के मौजूदा बुनियादी ढाँचे और इसे आधुनिक वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स सुविधा के रूप में विकसित करने की योजनाओं की समीक्षा की। गौरतलब है कि रामगढ़ डिपो का आधुनिकीकरण सीएसडी के व्यापक डिजिटल और भौतिक उन्नयन अभियान का हिस्सा है।

आगे क्या होगा

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि रक्षा बलों से जुड़े समुदाय के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी सेवाओं में सुधार का सिलसिला जारी रहेगा। सीएसडी के आधुनिकीकरण की यह पहल रक्षा कल्याण नीति में एक नई दिशा की ओर संकेत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है — पाँच पायलट डिपो की योजना कब से चल रही है और अब तक कितना काम पूरा हुआ, इसका कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई। सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को सीएसडी में शामिल करना 'वोकल फॉर लोकल' की दिशा में ठोस कदम है, पर यह सुनिश्चित करना होगा कि गुणवत्ता मानक और आपूर्ति श्रृंखला की विश्वसनीयता बनी रहे। पूर्व सैनिकों के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता पर चर्चा लंबे समय से लंबित माँग है, और इसे केवल बैठक के एजेंडे से आगे बढ़कर नीतिगत प्रतिबद्धता में बदलना होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीओसीसीएस की 80वीं बैठक में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा हुई?
बैठक में सीएसडी का बजट बढ़ाने, डिपो आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी, सहकारी संस्थाओं के उत्पादों को सप्लाई चेन में शामिल करने और मानव संसाधन प्रबंधन पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दिव्यांग रक्षा कर्मियों और पूर्व सैनिकों के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता भी एजेंडे में थी।
सीएसडी डिपो रामगढ़ का आधुनिकीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?
रामगढ़ डिपो उन पाँच पायलट डिपो में शामिल है जिन्हें सीएसडी के आधुनिक वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है। इसकी सफलता भविष्य में अन्य डिपो के उन्नयन की दिशा तय करेगी।
सीएसडी में सहकारी संस्थाओं के उत्पाद शामिल करने से किसे फायदा होगा?
टीआरआईएफईडी, केवीआईसी, एनएएफईडी और नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड जैसी संस्थाओं के उत्पादों को सीएसडी पोर्टफोलियो में शामिल करने से स्थानीय कारीगरों, आदिवासी समुदायों, किसानों और सहकारी संगठनों को सीधा बाज़ार मिलेगा।
पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी की नई योजनाओं में क्या शामिल है?
बैठक में पूर्व सैनिकों, दिव्यांग रक्षा कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कैंटीन सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर चर्चा हुई। मंत्री ने इसे सरकार की प्राथमिकता बताया।
संजय सेठ ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अधिकारियों को नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और लाभार्थी-केंद्रित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सेवाओं को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने पर ज़ोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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