हनुमान चालीसा विरोधी अब राम रक्षा पाठ कर रहे: शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार, 14 जुलाई को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने यूबीटी गुट पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शन को समर्थन देने और देशभर में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
हनुमान चालीसा से राम रक्षा तक — शिंदे का सबसे तीखा वार
शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी हनुमान चालीसा का विरोध करते थे और उसका पाठ करने वालों को जेल भिजवाते थे, वे अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह सब भलीभाँति समझती है और ऐसी राजनीतिक पलटी को स्वीकार नहीं करेगी। शिंदे के अनुसार, जिस दिन उद्धव ठाकरे ने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के मूल मूल्यों से मुँह फेरा, उसी दिन उनके हिंदुत्व का अंत हो गया।
वांगचुक समर्थन पर यूबीटी की आलोचना
शिंदे ने यूबीटी गुट के वांगचुक आंदोलन को समर्थन देने पर कहा कि यह समझ बहुत देर से आई है। उनके अनुसार यूबीटी गुट की आदत है कि सरकार के विरुद्ध उठने वाले किसी भी आंदोलन को घर बैठे समर्थन दे दो, लेकिन खुद सड़कों पर उतरने की हिम्मत नहीं होती। शिंदे ने इसे 'तुम लड़ो, हम तुम्हारे कोट पकड़ेंगे' वाली राजनीतिक सोच करार दिया। यूबीटी की स्थिति को उन्होंने 'अपनी पूंछ में आग लगी है, लेकिन पहाड़ की आग बुझाने दौड़ रहे हैं' जैसे मुहावरे से परिभाषित किया।
विपक्ष पर भारत को बदनाम करने का आरोप
शिंदे ने विपक्षी दलों पर भारत की तुलना श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे आर्थिक संकट से जूझ रहे देशों से करके जनता में भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन देशों की अर्थव्यवस्थाएँ पूरी तरह चरमरा गई थीं, जबकि भारत की स्थिति बिल्कुल भिन्न है। शिंदे ने ऐसी तुलनाओं को महज राजनीतिक अवसरवाद बताया।
मोदी नेतृत्व की सराहना, बालासाहेब के सपनों का हवाला
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज दिया है और 32 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का श्रेय पीएम मोदी को देते हुए कहा कि इससे बालासाहेब ठाकरे के सपने साकार हुए हैं। भारत तेज़ी से आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर है।
हिंदुत्व की विरासत और गठबंधन पर सवाल
शिंदे ने हैरानी जताई कि यूबीटी गुट सत्ता में बने रहने के लिए उन राजनीतिक ताकतों के साथ हाथ मिला रहा है, जो वीर सावरकर को 'अंग्रेजों का मददगार' बताती हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बालासाहेब की विचारधारा के साथ सीधा विश्वासघात है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने पेपर लीक, क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्रवाइयों और एनडीए गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने के संकेत हैं।