14 जुलाई 2026
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हनुमान चालीसा विरोधी अब राम रक्षा पाठ कर रहे: शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार

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हनुमान चालीसा विरोधी अब राम रक्षा पाठ कर रहे: शिंदे का उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार

सारांश

शिंदे का उद्धव पर सबसे तीखा प्रहार — जो हनुमान चालीसा पाठियों को जेल भिजवाते थे, वे अब राम रक्षा गा रहे हैं। वांगचुक आंदोलन को 'घर बैठे समर्थन' और सावरकर-विरोधियों से गठबंधन — शिंदे ने यूबीटी की हिंदुत्व साख पर सीधा सवाल उठाया।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 14 जुलाई को मुंबई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूबीटी गुट पर तीखा हमला बोला।
शिंदे ने कहा — हनुमान चालीसा पाठियों को जेल भिजवाने वाले अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं।
यूबीटी पर सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर आंदोलन को 'घर बैठे समर्थन' देने और सड़कों पर न उतरने का आरोप।
विपक्ष पर भारत की तुलना श्रीलंका , नेपाल , बांग्लादेश से करके भय फैलाने का आरोप।
शिंदे ने PM मोदी को 80 करोड़ को मुफ्त अनाज, 32 करोड़ को गरीबी से बाहर निकालने और राम मंदिर व अनुच्छेद 370 हटाने का श्रेय दिया।
यूबीटी के वीर सावरकर -विरोधी दलों से गठबंधन को बालासाहेब की विचारधारा से विश्वासघात बताया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार, 14 जुलाई को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने यूबीटी गुट पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शन को समर्थन देने और देशभर में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

हनुमान चालीसा से राम रक्षा तक — शिंदे का सबसे तीखा वार

शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी हनुमान चालीसा का विरोध करते थे और उसका पाठ करने वालों को जेल भिजवाते थे, वे अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता यह सब भलीभाँति समझती है और ऐसी राजनीतिक पलटी को स्वीकार नहीं करेगी। शिंदे के अनुसार, जिस दिन उद्धव ठाकरे ने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के मूल मूल्यों से मुँह फेरा, उसी दिन उनके हिंदुत्व का अंत हो गया।

वांगचुक समर्थन पर यूबीटी की आलोचना

शिंदे ने यूबीटी गुट के वांगचुक आंदोलन को समर्थन देने पर कहा कि यह समझ बहुत देर से आई है। उनके अनुसार यूबीटी गुट की आदत है कि सरकार के विरुद्ध उठने वाले किसी भी आंदोलन को घर बैठे समर्थन दे दो, लेकिन खुद सड़कों पर उतरने की हिम्मत नहीं होती। शिंदे ने इसे 'तुम लड़ो, हम तुम्हारे कोट पकड़ेंगे' वाली राजनीतिक सोच करार दिया। यूबीटी की स्थिति को उन्होंने 'अपनी पूंछ में आग लगी है, लेकिन पहाड़ की आग बुझाने दौड़ रहे हैं' जैसे मुहावरे से परिभाषित किया।

विपक्ष पर भारत को बदनाम करने का आरोप

शिंदे ने विपक्षी दलों पर भारत की तुलना श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे आर्थिक संकट से जूझ रहे देशों से करके जनता में भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन देशों की अर्थव्यवस्थाएँ पूरी तरह चरमरा गई थीं, जबकि भारत की स्थिति बिल्कुल भिन्न है। शिंदे ने ऐसी तुलनाओं को महज राजनीतिक अवसरवाद बताया।

मोदी नेतृत्व की सराहना, बालासाहेब के सपनों का हवाला

शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज दिया है और 32 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का श्रेय पीएम मोदी को देते हुए कहा कि इससे बालासाहेब ठाकरे के सपने साकार हुए हैं। भारत तेज़ी से आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर है।

हिंदुत्व की विरासत और गठबंधन पर सवाल

शिंदे ने हैरानी जताई कि यूबीटी गुट सत्ता में बने रहने के लिए उन राजनीतिक ताकतों के साथ हाथ मिला रहा है, जो वीर सावरकर को 'अंग्रेजों का मददगार' बताती हैं। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन बालासाहेब की विचारधारा के साथ सीधा विश्वासघात है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिंदे ने पेपर लीक, क्षेत्रीय प्रशासनिक कार्रवाइयों और एनडीए गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2024 के चुनावी नतीजों के बाद और तीखी हो गई है। यूबीटी गुट का वांगचुक आंदोलन को समर्थन देना रणनीतिक हो सकता है, लेकिन शिंदे ने इसे उनकी 'सड़क-विमुखता' के प्रमाण के रूप में पेश किया — यह कथा-निर्माण भविष्य के चुनावों में काम आ सकती है। असली सवाल यह है कि क्या जनता हिंदुत्व की प्रामाणिकता को प्रशासनिक प्रदर्शन से अलग करके देखती है — और इस पर दोनों पक्षों के दावे अभी परखे जाने बाकी हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर हनुमान चालीसा को लेकर क्या कहा?
शिंदे ने कहा कि जो लोग कभी हनुमान चालीसा का विरोध करते थे और उसका पाठ करने वालों को जेल भिजवाते थे, वे अब राम रक्षा का पाठ कर रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया और कहा कि जनता यह सब समझती है।
शिंदे ने सोनम वांगचुक के आंदोलन को यूबीटी के समर्थन पर क्या आरोप लगाए?
शिंदे ने कहा कि यूबीटी गुट दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शन को घर बैठे समर्थन दे रहा है, लेकिन खुद सड़कों पर उतरने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने इसे देशभर में अस्थिरता फैलाने की कोशिश बताया।
शिंदे ने उद्धव के हिंदुत्व पर सवाल क्यों उठाए?
शिंदे के अनुसार, जिस दिन उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे के मूल मूल्यों को छोड़ा, उसी दिन उनके हिंदुत्व का अंत हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि यूबीटी गुट वीर सावरकर को 'अंग्रेजों का मददगार' बताने वाले दलों के साथ गठबंधन कर रहा है, जो बालासाहेब की विचारधारा के विरुद्ध है।
शिंदे ने PM मोदी की किन उपलब्धियों का ज़िक्र किया?
शिंदे ने कहा कि मोदी सरकार ने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त अनाज दिया और 32 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को उन्होंने बालासाहेब ठाकरे के सपनों की पूर्ति बताया।
शिंदे ने विपक्ष पर भारत की तुलना दूसरे देशों से करने पर क्या कहा?
शिंदे ने विपक्ष पर भारत की तुलना श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे आर्थिक संकट से जूझ रहे देशों से करके भय का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन देशों की अर्थव्यवस्थाएँ चरमरा गई थीं जबकि भारत की स्थिति बिल्कुल अलग है, और यह तुलना महज राजनीतिक अवसरवाद है।
राष्ट्र प्रेस
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