चुराचांदपुर में विकास योजनाओं की समीक्षा: उपायुक्त कृष्ण कुमार ने समयबद्ध क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में उपायुक्त कृष्ण कुमार ने 14 जुलाई 2026 को जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन किया गया। बैठक में योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
उपायुक्त कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लीड जिला प्रबंधक (LDM) तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी विभागों ने अपनी-अपनी योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों, नवाचारों और भविष्य के लक्ष्यों पर संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उपायुक्त के मुख्य निर्देश
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभार्थियों तक पहुँचे, इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और आपसी सहयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नई कार्यप्रणालियों और नवाचारों को अपनाने की सलाह दी और निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में सफल मॉडल विकसित हुए हैं, उन्हें जिले के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाए। यह भी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि विकास योजनाओं का लाभ सभी उप-मंडलों में समान रूप से पहुँचे, ताकि कोई भी क्षेत्र इससे वंचित न रहे।
टीबी मुक्त भारत अभियान पर विशेष चर्चा
बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। उपायुक्त ने अधिकारियों से केंद्र सरकार के 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत संचालित 'निक्षय मित्र' पहल में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तपेदिक उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में सभी विभागों और समाज की सहभागिता अनिवार्य है।
सुशासन पर उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त कृष्ण कुमार ने अधिकारियों से अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह रहने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य ही सुशासन की असली पहचान है। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है जब मणिपुर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ी है। आगे इन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा अगली बैठक में की जाएगी।