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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना की प्रगति का किया अवलोकन

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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना की प्रगति का किया अवलोकन

सारांश

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने जिरीबाम-तुपुल-इम्फाल रेलवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक पूरा करना है, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री ने इम्फाल रेलवे स्टेशन का दौरा किया।
जिरीबाम-तुपुल-इम्फाल रेलवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक पूरा करना है।
लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
यह परियोजना मणिपुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

इम्फाल, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को पश्चिम इम्फाल जिले के युरेम्बाम स्थित इम्फाल रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन स्थल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बहुप्रतीक्षित 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-तुपुल-इम्फाल रेलवे परियोजना की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अधिकारियों द्वारा इम्फाल रेलवे स्टेशन के निर्माण की वर्तमान स्थिति और जिरीबाम (दक्षिणी असम के निकट)-तुपुल-इम्फाल रेलवे परियोजना की समग्र प्रगति के बारे में जानकारी दी गई।

ब्रीफिंग के दौरान, एनएफआर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस महत्वाकांक्षी रेलवे परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सिंह ने संगाइथेल में सुरंग संख्या 12 के निर्माण स्थल का भी दौरा किया, जो इस रेलवे लाइन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

स्थल पर, उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों से बातचीत कर चल रहे काम की गति और गुणवत्ता का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री के साथ विधायक सपाम रंजन और सोरोखैबम राजेन, मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) अनुराग बाजपेयी, मुख्यमंत्री आयुक्त एन. अशोक कुमार, परिवहन निदेशक ख. डायना और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद थे।

एनएफआर अधिकारियों के अनुसार, 21,885 करोड़ रुपए की जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना में लगभग 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जो इस क्षेत्र में अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

अधिकारियों ने बताया कि एक बार पूरा होने पर, यह रेलवे लाइन पर्यटन को काफी बढ़ावा देगी, औद्योगिक विकास को गति देगी, रोजगार के अवसर पैदा करेगी, और मणिपुर के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

परियोजना के पूरा होने पर, इम्फाल राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा और पूर्वोत्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी वाली पांचवीं राजधानी बन जाएगा। इससे पहले असम में दिसपुर, त्रिपुरा में अगरतला, अरुणाचल प्रदेश में इटानगर और मिजोरम में आइजोल रेल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं।

इसी बीच, मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने नोनी जिले का दौरा कर इजेई नदी पर बन रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पियर ब्रिज के निर्माण का निरीक्षण किया। इंजीनियरिंग के लिहाज से यह मील का पत्थर 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना का अभिन्न अंग है और राज्य की राजधानी को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मणिपुर के सामाजिक-आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण आधार बनेगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का उद्देश्य मणिपुर की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करना और क्षेत्र के विकास में योगदान देना है।
इस परियोजना की लागत कितनी है?
जिरीबाम-इम्फाल रेलवे परियोजना की लागत लगभग 21,885 करोड़ रुपए है।
यह परियोजना कब तक पूरी होगी?
इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना से मणिपुर को क्या लाभ होगा?
परियोजना से पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, जिससे मणिपुर का सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।
इस परियोजना का महत्व क्या है?
यह परियोजना मणिपुर को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी और पूर्वोत्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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