सांसद इंद्र हांग सुब्बा की संसद में मांग, सिक्किम की लोकसभा सीटें बढ़ाने की अपील
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नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद के विशेष सत्र में रात्रि के समय नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) के सांसद डॉ. इंद्र हांग सुब्बा ने लोकसभा में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने महिला आरक्षण बिल के कार्यान्वयन के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए सिक्किम की लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और लिंबू-तामंग समुदायों को न्याय दिलाने की मांग की।
सुब्बा ने अपने भाषण की शुरुआत में सभापति का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "सभापति का बहुत-बहुत धन्यवाद कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर मुझे अपनी बात रखने का अवसर मिला। हम खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि 17वीं लोकसभा के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कराने में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिला और आज इसके कार्यान्वयन हेतु लाए गए संविधान संशोधन में भी अपने विचार रख पा रहे हैं।"
उन्होंने सिक्किम की महिलाओं की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। एसकेएम पार्टी और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामंग के प्रतिनिधि के रूप में, उन्होंने इस संशोधन विधेयक और डीलिमिटेशन बिल 2026 का समर्थन किया।
सुब्बा ने कहा कि महिला आरक्षण का बिल कई दशकों पहले आ जाना चाहिए था, लेकिन अब, भले ही यह थोड़ा देर से आया है, पर यह सही समय पर है। सरकार का इसे 2029 से पहले लागू करने का विचार प्रशंसनीय है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरुष प्रधान समाज के कारण राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं की भागीदारी कम रही है। आरक्षण से नीति निर्माण और कानून बनाने में माताओं-बहनों की अधिक भागीदारी होगी।
उन्होंने कहा, "देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। शिक्षा, शोध, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी या अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की क्षमता में कोई कमी नहीं है। पिछले कुछ दशकों में उनका योगदान यह साबित करता है कि केवल सामाजिक पूर्वाग्रहों के कारण उन्हें राजनीति में अवसर नहीं मिला।"
सुब्बा ने सिक्किम को एक विशेष राज्य बताते हुए अनुच्छेद 371एफ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान भारत की विविधता को समाहित करता है। डीलिमिटेशन प्रक्रिया में इस संवैधानिक गारंटी का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। लोकसभा सीटों को 800 से अधिक करने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए, सुब्बा ने मांग की कि सिक्किम की वर्तमान एक लोकसभा सीट को बढ़ाकर दो किया जाए। इससे सिक्किम के विविध पहलुओं का बेहतर प्रतिनिधित्व होगा। यदि इनमें से एक सीट महिला आरक्षण के लिए आरक्षित की जाए तो यह और भी बेहतर होगा।
एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए, सुब्बा ने कहा कि 2003 में लिंबू और तामंग समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिया गया था, लेकिन उस समय के डीलिमिटेशन में उन्हें एसटी सीट नहीं दी गई। पिछले पांच चुनावों में यह मांग पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि नए डीलिमिटेशन में लिंबू-तामंग समुदाय को एसटी आरक्षण का न्याय मिलना चाहिए।
अंत में, सांसद सुब्बा ने कहा, "भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता है। मैं इस विधेयक के उद्देश्य का समर्थन करता हूं, लेकिन सरकार से अनुरोध है कि इस प्रक्रिया को संवेदनशीलता और समावेशिता के साथ लागू किया जाए। विशेष रूप से सिक्किम जैसे छोटे राज्यों और लिंबू-तामंग जैसे समुदायों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को ध्यान में रखा जाए।"