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किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को दी चेतावनी, सिक्किम में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन दिखाया

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किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को दी चेतावनी, सिक्किम में महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन दिखाया

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सिक्किम में महिला आरक्षण बिल का समर्थन दिखाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उनका यह वीडियो कांग्रेस के लिए एक कड़ी चेतावनी बन गया है। जानिए इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य 33% आरक्षण प्रदान करना है।
सिक्किम से समर्थन का वीडियो कांग्रेस के लिए चेतावनी है।
सरकार ने कहा, हम महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विपक्ष का तर्क है कि विधेयक राजनीतिक संतुलन को प्रभावित करेगा।
131वां संशोधन विधेयक अस्वीकृत हो गया।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए सिक्किम से एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो साझा किया है, जिसे उन्होंने 'कड़ी चेतावनी' करार दिया।

सिक्किम से संबंधित इस वीडियो को साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा, "कांग्रेस पार्टी के लिए यह एक कड़ी चेतावनी है। देखिए, एक छोटे और खूबसूरत राज्य सिक्किम में संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए कितना जोरदार समर्थन मिल रहा है।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, "हम भारत की महिलाओं के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बिल का समर्थन नहीं किया, जो महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार महिलाओं के सम्मान के लिए कार्यरत रहेगी।"

सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए जरूरी सुधार था, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक संतुलन और संघीय ढांचे पर प्रभाव डालने वाला कदम मानता है।

वास्तव में, संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं कर सका और अस्वीकृत हो गया। यह विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाया गया था।

लोकसभा में इस महत्वपूर्ण मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि इसके खिलाफ 230 वोट गए। इस परिणाम के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ गया है।

एनडीए ने इंडिया ब्लॉक पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने का प्रयास किया, जो महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अनिवार्य था।

वहीं विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसद की सीटों के विस्तार और परिसीमन से जोड़ा गया है। उनका तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाने और नई सीमाएं निर्धारित करने से कुछ क्षेत्रों को लाभ और कुछ को हानि हो सकती है।

इस विधेयक में महिला आरक्षण के साथ-साथ लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल था। यह बदलाव 1971 की जनगणना के बाद से लंबित परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि महिलाओं की भागीदारी और उनके अधिकारों का भी है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
क्यों कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया?
कांग्रेस का कहना है कि यह विधेयक राजनीतिक संतुलन और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है।
किरेन रिजिजू का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के लिए कार्य कर रही है और विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बिल का समर्थन नहीं किया।
सिक्किम में महिला आरक्षण का समर्थन कैसे है?
सिक्किम में महिला आरक्षण के लिए जबरदस्त समर्थन दिखाया गया है, जैसा कि किरेन रिजिजू के वीडियो में बताया गया है।
131वां संशोधन विधेयक क्यों अस्वीकृत हुआ?
यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं कर सका, जिसके कारण यह अस्वीकृत हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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