कांग्रेस का नारी शक्ति के अपमान पर एनडीए सांसदों का तंज, बोले- यह ऐतिहासिक जीत नहीं

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कांग्रेस का नारी शक्ति के अपमान पर एनडीए सांसदों का तंज, बोले- यह ऐतिहासिक जीत नहीं

सारांश

महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष की निंदा की। उन्होंने इसे 'काला दिवस' बताते हुए विपक्ष से देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करने की चेतावनी दी है। जानें इस विवादास्पद बिल पर क्या कह रहे हैं एनडीए सांसद।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक के गिरने से नारी सशक्तिकरण को झटका लगा।
  • केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने इसे 'काला दिवस' कहा।
  • विपक्ष की प्रतिक्रिया पर एनडीए सांसदों का आक्रोश।
  • महिलाओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने की योजना।
  • राजनीतिक द्वंद्व का नारी शक्ति पर प्रभाव।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें देश की महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने इसे ‘देश के लिए काला दिवस’ बताते हुए कहा कि इतना महत्वपूर्ण विधेयक बहाने बनाकर गिरा दिया गया।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "इतना ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बिल, महिलाओं को संसद में जगह देना, इसमें क्या आपत्ति हो सकती है? बहाना बनाकर इस महत्वपूर्ण बिल को गिराया गया। मैं मानता हूं कि यह देश के लिए एक काला दिवस रहा है।"

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा, "कांग्रेस जो कह रही कि ये जो बिल गिरा वो ऐतिहासिक कदम है, उनकी नजर में ऐतिहासिक इसलिए है, क्योंकि इस देश की नारी शक्ति और पीएम के नारी सशक्तिकरण के प्रयास को उन्होंने गिरा दिया, इसलिए उनके लिए ये ऐतिहासिक हो सकता है। आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उनके साथ न्याय करने वाला ये कदम था, लेकिन विपक्ष को इसे गिराकर खुशी हो रही है तो यही कांग्रेस का चरित्र है।"

भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, "131वां संविधान संशोधन विधेयक 2029 में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से पेश किया गया था। इसमें 2023 के 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण अधिनियम) में जरूरी और सुधारों के प्रावधान भी शामिल थे।"

भाजपा सांसद संजय जयसवाल ने कहा, "हम सड़कों पर उतरेंगे और महिलाओं को समझाएंगे कि किस तरह से विरोधी दलों ने उनके अधिकार को लोकसभा में रोका है। हमें पूरा विश्वास है कि देश की महिलाएं विपक्ष के सांसदों को इतना मजबूर कर देंगी कि अगले 3 महीने में यह बिल निश्चित तौर पर पास कराना उनकी मजबूरी हो जाएगी।"

भाजपा नेता शशांक मणि ने कहा, "कांग्रेस को मालूम होना चाहिए कि पूरे देश की 50 प्रतिशत आबादी इनसे आक्रोश में है। कांग्रेस जिसे विजय घोषित कर रही है, उन्हीं की हार होगी। कल देश की हार हुई, कांग्रेस की जीत नहीं हुई है, बल्कि उनकी भी हार हुई है। मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि इसके पीछे इनका क्या ज्ञान है? हम लोग माताओं-बहनों के लिए लगे रहेंगे और अगली बार हम इस बिल को लाएंगे और पारित करेंगे।"

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, "लोकतंत्र में महिलाओं को अधिकार देने के विचार की हत्या करने वाला यह विपक्ष अगर इसको महिलाओं का अपमान करके अपनी जीत मान रहा है तो निश्चित रूप से वो एक बड़ी पराजय के लिए अपने आप को तैयार कर रहे हैं।"

भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "कल जो विपक्ष के नेताओं ने किया, यह देश का दुर्भाग्य है और देश के लिए काफी दुखद है। कल उन्होंने अपनी मंशा को जाहिर कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को उचित भागीदारी देने के लिए बहुत बढ़िया कदम लिया गया था, उसको विपक्ष ने विफल किया है। वो नहीं चाहते हैं कि देश की महिलाएं सशक्त हों। आने वाले समय में महिलाएं उन्हें अच्छे से सबक सिखाएंगी।"

भाजपा सांसद रवि किशन ने कहा, "विपक्ष ने महिलाओं के भविष्य को हराया है। ये महिला विरोधी हैं। ये महिलाओं को कमजोर बना रहे हैं। इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता।"

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक एक ऐसा विधेयक है जो भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रस्तावित है।
क्यों कहा जा रहा है कि यह 'काला दिवस' है?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे 'काला दिवस' इसलिए कहा क्योंकि विपक्ष ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को गिरा दिया।
इस विधेयक के गिरने का क्या असर होगा?
इस विधेयक के गिरने से महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी आएगी और नारी सशक्तिकरण के प्रयासों को नुकसान होगा।
कांग्रेस ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है, जबकि एनडीए सांसद इसे नारी शक्ति का अपमान मानते हैं।
क्या यह मामला और बढ़ सकता है?
हां, यह मामला आगे बढ़ सकता है क्योंकि एनडीए सांसद महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने की योजना बना रहे हैं।
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