अमेरिकी सेंटकॉम ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखी, होर्मुज जलडमरूमध्य में गश्त कर रहा एच-64 अपाचे
सारांश
मुख्य बातें
वाशिंगटन, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने यह स्पष्ट किया है कि वह ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर अपनी समुद्री नाकेबंदी को निरंतर बनाए रखेगा।
सेंटकॉम के अनुसार, इस ऑपरेशन के हिस्से के रूप में अमेरिकी आदेशों का पालन करने वाले 23 जहाजों को लौटाया जा चुका है। यूएसएस कैनबरा नामक अमेरिकी युद्धपोत अरब सागर में गश्त कर रहा है ताकि नाकेबंदी को लागू किया जा सके।
सेंटकॉम ने एच-64 अपाचे के गश्त की तस्वीरें भी साझा की हैं। बताया गया है कि 17 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के उपर गश्त शुरू की गई। अमेरिकी सैनिक जलडमरूमध्य में और उसके आस-पास नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत हैं।
इसके विपरीत, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने इस कार्रवाई को सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के इस रुख के कारण उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं।
एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को, होर्मुज को सभी के लिए खोलने का ऐलान किया गया था। लेकिन शनिवार को फिर से इस समुद्री मार्ग पर पाबंदियां लगा दी गई हैं। ईरान ने कहा कि अमेरिका सीजफायर डील का उल्लंघन कर रहा है, इसलिए अब होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में होगी।
ईरान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका उसकी बंदरगाहों पर लागू नाकेबंदी को समाप्त नहीं करता, तब तक वह होर्मुज से जहाजों को गुजरने से रोकता रहेगा।
अपने हालिया बयान में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की नाकेबंदी पूर्ण ताकत के साथ जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह तब तक समाप्त नहीं होगी जब तक ईरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता।
बदलते घटनाक्रम के बीच, ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ट्रंप "बहुत ज्यादा बोलते हैं" और उनके बयान में विरोधाभास हैं। तुर्की में अंताल्या डिप्लोमैटिक फोरम के दौरान मीडिया से बातचीत में खतीबजादेह ने यह टिप्पणी की।
इससे पहले, ईरानी संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने भी सोशल मीडिया पर ट्रंप के दावे को झूठा बताते हुए कहा कि वे लगातार सीजफायर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।