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केरल में कन्नूर बम हमले के मामले में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को मिली 25 साल की सजा

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केरल में कन्नूर बम हमले के मामले में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को मिली 25 साल की सजा

सारांश

कन्नूर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। थलिपरम्बा अदालत ने तिमिरी बम हमले के मामले में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को 25-25 साल की कठोर सजा सुनाई है, जो राजनीतिक हिंसा के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती को दर्शाता है।

मुख्य बातें

कन्नूर में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को 25 साल की सजा।
बम हमला 27 नवंबर 2011 को हुआ।
सजा के पीछे राजनीतिक हिंसा का मामला।
अदालत का फैसला कानून का शासन स्थापित करता है।

कन्नूर, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल के कन्नूर जिले में थलिपरम्बा अदालत ने तिमिरी बम हमले के मामले में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को 25-25 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय राजनीतिक हिंसा के खिलाफ न्यायपालिका के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के.एन. प्रसांत ने सुनाया। यह मामला 27 नवंबर 2011 का है, जब अलकोडे के निकट तिमिरी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर बम फेंके गए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह हमला पूर्वनियोजित था और कन्नूर में राजनीतिक प्रतिशोध की हिंसा का हिस्सा था।

सजा पाने वालों में दूसरे आरोपी टी.वी. बीनू उर्फ “उडुम्ब बीनू” भी शामिल हैं। सभी 10 दोषियों को 25 साल की सजा दी गई है, लेकिन इनमें से 9 दोषियों को सजा एक साथ काटने की अनुमति दी गई है, जिससे उनकी प्रभावी सजा 10 साल रह जाएगी।

दोषियों में माकपा के पंचायत सदस्य पी.वी. बाबूराज भी शामिल हैं, जिनकी सजा के बाद उनकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी। अन्य दोषियों में एम.के. प्रदीप कुमार, पी.पी. सत्यन, ई.वी. विनोद कुमार, पलेरी विजयन, के.पी. सुरेश, टोबी, जनार्दनन, और शिवप्रकाश शामिल हैं।

गौरतलब है कि कन्नूर लंबे समय से माकपा और भाजपा/आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र रहा है। वैचारिक मतभेद और स्थानीय सत्ता संघर्ष अक्सर हिंसक झड़पों में बदलते रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं की जान जा चुकी है।

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपियों का दोष संदेह से परे साबित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला स्पष्ट संदेश देता है कि राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों को सख्त सजा मिलेगी और कानून का शासन सर्वोपरि रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह फैसला इसे रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्नूर बम हमले की घटना कब हुई?
कन्नूर में बम हमला 27 नवंबर 2011 को हुआ था।
कितने माकपा कार्यकर्ताओं को सजा मिली है?
इस मामले में 10 माकपा कार्यकर्ताओं को 25-25 साल की सजा मिली है।
क्या सभी दोषियों को एक साथ सजा काटने की अनुमति है?
हाँ, 9 दोषियों को सजा एक साथ काटने की अनुमति दी गई है, जिससे उनकी प्रभावी सजा 10 साल रह जाएगी।
इस फैसले का क्या महत्व है?
यह फैसला राजनीतिक हिंसा के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती को दर्शाता है।
क्या इस मामले में राजनीतिक संघर्ष की पृष्ठभूमि है?
हाँ, कन्नूर में माकपा और भाजपा/आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष चल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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