बंगाल चुनाव: मतदान से पहले पुलिस को सख्त निर्देश, अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी
सारांश
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कोलकाता, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को एक वर्चुअल बैठक में पुलिस अधिकारियों को फिर से चेतावनी दी है कि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मतदान के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि स्थिति को नियंत्रित करने में कोई भी लापरवाही बरती जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि मतदान के दिन यदि किसी क्षेत्र में हथियार, बम या गोलियां बरामद होती हैं, तो संबंधित पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा, चुनाव आयोग कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है।
मुख्य चुनाव आयोग ने यह भी पूछा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अशांति फैलाने के आरोपियों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है।
उन्होंने पुलिस को जिलों में अपराधियों की पहचान करने का निर्देश दिया। आयोग ने कहा कि जिनके खिलाफ पहले से हिंसा के मामले दर्ज हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि वे इस चुनाव में फिर से अशांति न फैलाएं।
यह ध्यान देने योग्य है कि चुनाव आयोग इस बार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के प्रति सख्त है।
राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को है, और केवल पांच दिन शेष हैं। इस संदर्भ में, आयोग ने पहले चरण के चुनाव के लिए पुलिस को विस्तृत निर्देश देने के लिए एक वर्चुअल बैठक आयोजित की।
शनिवार को 16 जिलों के पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों के साथ वर्चुअल बैठक में मनोज अग्रवाल ने कहा कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने 40,000 से अधिक राज्य पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
आयोग के द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक भी इस बैठक में उपस्थित थे।