बंगाल में चुनावी सुरक्षा को लेकर पुलिस की तैयारियों का आकलन, शांतिपूर्ण मतदान प्राथमिकता
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सक्रिय है।
- मतदान में धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए डीआईजी कंकर प्रसाद बरुई ने थानों का दौरा किया।
- भांगर में चुनावी झड़पों के कारण तनाव देखा गया।
- केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है।
कोलकाता, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने रविवार को कई थानों का निरीक्षण किया। इसी कड़ी में, कोलकाता के पुलिस आयुक्त ने आज सुबह भांगर पुलिस स्टेशन का दौरा किया।
कोलकाता पुलिस के आयुक्त अजय नंद ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान में किसी प्रकार की धांधली या बूथ कब्जा करने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग चुनावी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रख रहा है। पुलिसकर्मियों के साथ बैठक में आयुक्त ने जोर देकर कहा कि सभी अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी दोहराया कि मतदान में धांधली या बूथ कैप्चरिंग से संबंधित किसी भी शिकायत को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि कोलकाता पुलिस शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। विभिन्न क्षेत्रों में चेकपॉइंट और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। केंद्रीय बलों के समन्वय से गश्त भी की जा रही है।
अजय नंद ने बताया कि चुनाव से पहले अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती की संभावना है। क्षेत्र में पुलिस की तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रेसिडेंसी रेंज के डीआईजी कंकर प्रसाद बरुई ने रविवार को दक्षिणी उपनगरों के तीन पुलिस स्टेशनों का दौरा किया।
उन्होंने नरेंद्रपुर, सोनारपुर और बरुईपुर पुलिस स्टेशनों का निरीक्षण किया और संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
दक्षिण २४ परगना का बरुईपुर पुलिस जिला कोलकाता के निकट है और इसके अधिकार क्षेत्र में ग्रामीण इलाकों के कई मतदान केंद्र शामिल हैं। अधिकारियों ने इन बूथों पर पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे विशिष्ट उपायों की जानकारी दी।
इसी बीच, चुनाव प्रचार के लिए दीवार की जगह को लेकर आईएसएफ और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद भांगर में तनाव फैल गया। इस घटना में मारपीट, पत्थरबाजी और मोटरसाइकिलों में तोड़फोड़ शामिल थी। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात किया गया।
खबरों के अनुसार, आईएसएफ के कार्यकर्ता भांगर ब्लॉक-२ के कुलबेरिया इलाके में दीवारों पर चुनावी संदेश लिख रहे थे, तभी कथित तौर पर तृणमूल के सदस्यों ने उन्हें रोका। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इस झड़प में कई लोग घायल हो गए।
आईएसएफ ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उसके कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और यह भी दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं के घरों पर ईंटें फेंकी गईं और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। हालांकि, टीएमसी ने पलटवार करते हुए आईएसएफ पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगाया।
सूचना मिलते ही पोलरहाट पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी केंद्रीय बलों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।