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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए 150 कंपनियों की तैनाती का निर्णय लिया गया

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए 150 कंपनियों की तैनाती का निर्णय लिया गया

सारांश

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 150 केंद्रीय बल कंपनियों को तैनात किया जाएगा। जानें इसके पीछे के कारण और सुरक्षा उपाय।

मुख्य बातें

150 अतिरिक्त बल कंपनियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है।
राज्य चुनावों में कुल 2,550 बल कंपनियां होंगी।
सीएपीएफ की 200 कंपनियां मतदान के बाद तैनात रहेंगी।
कानून व्यवस्था तैनाती का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा।

कोलकाता, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को सूचित किया है कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के अनुसार, राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस शाखाओं की कुल 150 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।

पहले, २० मार्च को चुनाव आयोग ने जानकारी दी थी कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दोनों चरणों में सीएपीएफ, आईआरबी और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस शाखाओं की कुल २,४०० कंपनियां तैनात की जाएंगी।

अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए निर्देश के अनुसार, चुनावों के दोनों चरणों में तैनात बलों की संख्या २,५५० हो जाएगी।

इन १५० अतिरिक्त कंपनियों में से ९५ कंपनियां सीएपीएफ की होंगी, जबकि शेष ५५ कंपनियां आईआरबी और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस शाखाओं की होंगी।

सीएपीएफ की ८५ कंपनियों में से ३२ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की, ५५ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की, ६ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की और २ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की होंगी।

चुनाव आयोग के पहले आदेश के अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार, २९ अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम), स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ की २०० कंपनियां तब तक तैनात रहेंगी जब तक मतगणना पूरी नहीं हो जाती।

इसके अलावा, कानून व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने के लिए सीएपीएफ की ५०० कंपनियां अगले आदेश तक तैनात रहेंगी। २०२१ के विधानसभा चुनावों और २०२४ के लोकसभा चुनावों के बाद हिंसा काफी बढ़ गई थी।

सीएपीएफ, आईआरबी और राज्य सशस्त्र पुलिस की शेष १,७०० कंपनियों को २९ अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद वापस बुला लिया जाएगा।

सीएपीएफ की तैनाती और आवाजाही का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा।

सीआरपीएफ (पश्चिम बंगाल सेक्टर) के महानिरीक्षक, शलभ माथुर को राज्य चुनावों के लिए राज्य बल समन्वयक नियुक्त किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कितनी कंपनियां तैनात की जाएंगी?
कुल 2,550 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिसमें से 150 अतिरिक्त कंपनियां शामिल हैं।
ये कंपनियां किस प्रकार की होंगी?
इन कंपनियों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और अन्य राज्यों की सशस्त्र पुलिस शाखाएं शामिल हैं।
क्या चुनाव आयोग के पहले आदेश में कोई बदलाव हुआ है?
नहीं, चुनाव आयोग के पहले आदेश के अन्य प्रावधान यथावत रहेंगे।
कौन सी एजेंसी तैनाती का समन्वय करेगी?
सीएपीएफ की तैनाती और आवाजाही का समन्वय सीआरपीएफ द्वारा किया जाएगा।
राज्य बल समन्वयक कौन हैं?
सीआरपीएफ (पश्चिम बंगाल सेक्टर) के महानिरीक्षक, शलभ माथुर को राज्य बल समन्वयक नियुक्त किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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