रामदास आठवले ने आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, कहा- भारतीय संगीत ने खो दी अपनी मधुरता
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत का एक बड़ा नुकसान है।
- रामदास आठवले ने उन्हें भारतीय संगीत का 'कोहिनूर' बताया।
- उनकी आवाज़ हमेशा अमर रहेगी।
- आशा भोसले ने अनेक भाषाओं में गीत गाए हैं।
- उनके प्रशंसक विश्वभर में फैले हुए हैं।
मुंबई, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन ने भारतीय सिनेमा और संगीत क्षेत्र में एक गहरा शोक फैला दिया है। उनके निधन से देशभर में शोकाकुल वातावरण है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने रविवार को आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
रामदास आठवले ने कहा, "महान गायिका आशा भोसले के निधन से भारतीय सिनेमा ने अपनी मधुरता खो दी है। भारतीय संगीत की मधुरता का यह एक बड़ा क्षति है। उनके निधन से सभी भारतीयों के दिलों में गहरा दुख और पीड़ा है। भारतीय फिल्म उद्योग को यह अपूरणीय क्षति हुई है।"
आठवले ने आशा भोसले को संगीत और गायन के क्षेत्र में भारत का 'कोहिनूर' बताते हुए कहा, "आशा भोसले ने हिंदी, मराठी सहित अनेक भाषाओं में गीत गाए हैं। वे गायन कला में अद्वितीय थीं। उनकी आवाज़ अत्यंत मधुर और बेजोड़ थी। उन्होंने फिल्म उद्योग में एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।"
उन्होंने कहा, "आशा भोसले ने महान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और 'भीम गीतों' की महिमा का बखान करने वाले शानदार गीत भी गाए। उनके लाखों प्रशंसक न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में फैले हुए हैं। उनके गाए हुए सैकड़ों गीत आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं।"
भावुक होते हुए आठवले ने कहा, "हालांकि वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज मृत्यु पर विजय प्राप्त करती है। उनकी आवाज़, उनके गीत और उनकी यादें हमेशा अमर रहेंगी। संगीत के क्षेत्र में पूरे भारत की 'आशा' सच में आशा भोसले ही थीं।"
आरपीआई अध्यक्ष ने देश और पार्टी की ओर से आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनकी अमर आवाज आने वाली पीढ़ियों को भी संगीत की प्रेरणा देती रहेगी।
आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके योगदान को याद करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि वे हमेशा भारतीय संगीत इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेंगी।