बंगाल चुनाव: अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि चुनाव होंगे पूरी तरह हिंसा-मुक्त

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बंगाल चुनाव: अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि चुनाव होंगे पूरी तरह हिंसा-मुक्त

सारांश

कोलकाता में चुनाव अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त किया है कि आगामी चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र और हिंसा-मुक्त होंगे। यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुई। जानिए इस बार चुनावों में क्या कुछ खास होने वाला है।

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल चुनाव में अधिकारियों का आश्वासन
  • हिंसा-मुक्त मतदान की संभावना
  • केंद्रीय गृह मंत्री का समर्थन और चेतावनियाँ

कोलकाता, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला बल समन्वयक ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के नागरिकों से अनुरोध किया कि वे बिना किसी भय के मतदान केंद्रों तक पहुंचें और वोटिंग में सक्रिय भागीदारी करें।

सभी जिलों के प्रमुख चुनावी अधिकारियों और कोलकाता के दोनों चुनावी क्षेत्रों (दक्षिण और उत्तर) के अधिकारियों ने एक साथ मिलकर मीडिया को संबोधित किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भारत निर्वाचन आयोग इस बार पूर्ण स्वतंत्रता, निष्पक्षता और हिंसा-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बल समन्वयकों ने संभावित उपद्रवियों को सख्त चेतावनी दी।

उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विघटन जैसे कि बूथ-जैमिंग, मतदाताओं को डराना या विरोधी दल के मतदान एजेंटों का उत्पीड़न कानूनी प्रावधानों के अनुसार गंभीरता से निपटा जाएगा

अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि इस बार का चुनाव भय-मुक्त, हिंसा-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय आयोजित की गई जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्य में दो जिलों में लगातार तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करने के लिए मौजूद थे।

रैलियों में केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों को चेतावनी दी कि मतदान के दिनों में वे अपने घरों में ही रहें, अन्यथा उन्हें चुनाव के बाद जेल में डाल दिया जा सकता है।

यूसीसी (समान नागरिक संहिता) के मुद्दे पर ममता बनर्जी के आरोपों का खंडन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा का नहीं, बल्कि देश के संविधान का एजेंडा है।

उन्होंने पूछा कि क्या देश में कानून धर्म के आधार पर होना चाहिए या सभी धर्मों के लिए समान होना चाहिए। इसके अलावा, ममता बनर्जी के एसआईआर से संबंधित बयानों पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी न्यायपालिका पर हमला कर रही हैं, जबकि एसआईआर चुनाव आयोग नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के अधीन हो रहा है।

Point of View

या फिर पुराने मुद्दे फिर से उभरते हैं।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

बंगाल चुनाव में सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
चुनाव अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस बार सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होगी और किसी भी प्रकार की हिंसा को सख्ती से रोका जाएगा।
क्या चुनाव निष्पक्ष होंगे?
हाँ, निर्वाचन आयोग ने इस बार 100 प्रतिशत निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने का वादा किया है।
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