द्वारका में ज्वेलरी शॉप से सोने की अंगूठियां चुराने वाले दो आरोपी पकड़ाए, दोस्ती फेसबुक से हुई

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द्वारका में ज्वेलरी शॉप से सोने की अंगूठियां चुराने वाले दो आरोपी पकड़ाए, दोस्ती फेसबुक से हुई

सारांश

दिल्ली के द्वारका में स्थित आभूषण की दुकानों से सोने की अंगूठियां चुराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। ये आरोपी फेसबुक पर दोस्त बने थे और दुकानदारों को धोखा देने में माहिर थे। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • सोशल मीडिया का दुरुपयोग
  • पुलिस की तत्परता
  • आपराधिक प्रवृत्तियों में वृद्धि
  • ज्वेलरी की दुकानों का सुरक्षा उपाय
  • नशे की समस्या का प्रभाव

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के एंटी-बर्गलरी सेल ने द्वारका क्षेत्र में आभूषण की दुकानों से सोने की अंगूठियां चुराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी दुकानदारों को धोखा देकर असली सोने की अंगूठियों को नकली से बदलते थे। दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और फेसबुक पर दोस्त बने थे।

डीसीपी कुशल पाल सिंह के अनुसार, 15 नवंबर को रविंदर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 14 नवंबर 2025 की शाम को ग्राहक बनकर आए एक अज्ञात व्यक्ति ने उसकी सोने की अंगूठी चुरा ली। इस शिकायत पर थाना डाबरी में मामला दर्ज किया गया था।

एंटी-बर्गलरी सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर विवेक मैंडोला के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल पर जाकर दुकान के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक व्यक्ति दुकानदार का ध्यान भटकाते हुए नकली अंगूठी को असली अंगूठी से बदलते हुए दिखाई दिया। जांच में पता चला कि एक अन्य व्यक्ति दुकान के बाहर मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहा था और चोरी के बाद दोनों उसी पर बैठकर भाग गए।

टीम ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दोनों का पीछा करना शुरू किया, लेकिन कैमरों की कमी के कारण उन्हें पकड़ नहीं सकी। इस प्रक्रिया में टीम को आरोपी की स्पष्ट तस्वीर मिली। उनके पहचान के लिए टीम ने मुखबिरों और अन्य जिलों की कई विशेष टीमों के साथ तस्वीर साझा की। हाल ही में टीम ने आरोपी की पहचान नांगलोई निवासी चरणजीत के रूप में की। टीम ने उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से उसका मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद नांगलोई, सुभाष नगर और दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में कई छापे मारे गए।

टीम के लगातार प्रयासों का परिणाम तब मिला जब हेड कांस्टेबल कृष्ण के एक मुखबिर ने बताया कि चरणजीत शाम लगभग 6:30 बजे अपने साथी के साथ चोरी की मोटरसाइकिल पर पालम क्षेत्र में आएगा। टीम ने तुरंत जाल बिछाया और शाम लगभग 6:10 बजे चरणजीत को उसके साथी के साथ एक बिना नंबर वाली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर रोक लिया। इसके बाद टीम ने मोटरसाइकिल का रास्ता रोका, लेकिन आरोपी ने भागने की कोशिश की, परंतु सतर्क टीम के सदस्यों ने उसे पकड़ लिया।

पूछताछ करने पर मोटरसाइकिल चालक की पहचान जय प्रकाश उर्फ ​​पुन्नी और पीछे बैठे व्यक्ति की पहचान चरणजीत के रूप में हुई। आरोपी चरणजीत की तलाशी लेने पर उसके पास से 2 नकली सोने की अंगूठियां और 1 कंगन बरामद हुआ। मोटरसाइकिल भी दिल्ली के बिंदापुर थाने से चोरी की गई पाई गई।

दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की गई, जिससे पता चला कि चरणजीत का जन्म फरीदाबाद में हुआ था, लेकिन उसका पालन-पोषण अमृतसर, पंजाब में हुआ। उसके पिता सुनार थे, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद परिवार की आमदनी बंद हो गई। वहीं, चरणजीत को स्मैक की लत लग गई। आरोपी जय प्रकाश बेरोजगार है और उसे भी स्मैक की लत है। दोनों ने फेसबुक के जरिए दोस्ती की और चरणजीत के पास सुनार का कुछ अनुभव था, इसलिए उन्होंने आभूषण की दुकानों को निशाना बनाना शुरू किया। उन्होंने दिल्ली और पंजाब के सुभाष नगर, चंदर विहार और पटेल नगर इलाकों में कई घटनाएं की हैं। मामलों की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि यह भी बताती है कि कैसे सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा सकता है। इस मामले में पुलिस की तत्परता सराहनीय है, जिसने इन आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

द्वारका में चोरों ने किस प्रकार की चोरी की?
चोरों ने आभूषण की दुकानों से सोने की अंगूठियों की चोरी की।
आरोपी कैसे पकड़े गए?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच कर और मुखबिरों की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों की पहचान कैसे हुई?
आरोपियों की पहचान नांगलोई निवासी चरणजीत और जय प्रकाश के रूप में हुई।
क्या आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड था?
इस रिपोर्ट में पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का उल्लेख नहीं किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने आरोपियों से गहन पूछताछ की है और मामले की जांच जारी है।
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