ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर का भारत दौरा: व्यापार और तकनीक में सहयोग को बढ़ावा
सारांश
Key Takeaways
- क्रिश्चियन स्टॉकर का भारत दौरा आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगा।
- व्यापार, निवेश और नई तकनीक पर चर्चा की जाएगी।
- उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दौरा होगा।
- भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जाएंगे।
- यह दौरा पीएम मोदी के ऑस्ट्रिया दौरे की गति को आगे बढ़ाएगा।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान, क्रिश्चियन स्टॉकर व्यापार, निवेश और नई तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संबंधों को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया गया है। एयरपोर्ट पर युवा मामलों और खेल मंत्री रक्षा खडसे ने उनका स्वागत किया। भारत और ऑस्ट्रिया के बीच अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। चांसलर स्टॉकर का दौरा 'बेहतर भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी' को और बढ़ावा देगा।"
चांसलर स्टॉकर का यह चार दिवसीय दौरा है और यह उनका 2025 में पद ग्रहण करने के बाद एशिया में पहला आधिकारिक दौरा है। इस दौरे के दौरान, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
चांसलर स्टॉकर के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें वरिष्ठ मंत्री, सरकारी अधिकारी और व्यापारिक नेता शामिल हैं, जो इस दौरे के आर्थिक फोकस को दर्शाता है। दोनों पक्षों के बीच उन्नत उत्पादन, डिजिटल नवाचार और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहराई से बढ़ाने के अवसर तलाशे जाने की उम्मीद है।
यह दौरा दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव के बढ़ते रिश्तों के बीच हो रहा है। चर्चा में आपसी लाभ के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात होने की संभावना है।
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। यह दौरा 2024 में पीएम मोदी के ऑस्ट्रिया दौरे से बने मोमेंटम को आगे बढ़ाएगा, जिससे भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी और मजबूत होगी, और इससे रणनीतिक तथा आर्थिक सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।
इससे पहले, 2025 में, 12 दिसंबर को वियना में हुए भारत-ऑस्ट्रिया फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन के आठवें राउंड में, विदेश मंत्रालय में सचिव (वेस्ट) सिबी जॉर्ज और ऑस्ट्रिया के विदेश मामलों के सचिव जनरल निकोलस मार्शिक ने आपसी संबंधों की समीक्षा की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-ईयू संबंधों को मज़बूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की और आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।