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ऑस्ट्रियाई चांसलर ने पीएम मोदी को मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया, कहा- यह सम्मान की बात है

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ऑस्ट्रियाई चांसलर ने पीएम मोदी को मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया, कहा- यह सम्मान की बात है

सारांश

ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत दौरे पर पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है।

मुख्य बातें

चांसलर स्टॉकर का भारत दौरा ऐतिहासिक है।
भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नई संभावनाएं।
माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौता।
सामाजिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा।
स्थायी शांति की आवश्यकता पर जोर।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चार दिवसीय भारत दौरे पर आए ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ हुई मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा किए।

मुलाकात और महत्वपूर्ण बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "भारत आने का निमंत्रण और उत्कृष्ट मेहमाननवाजी के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद। चार दशकों में भारत आने वाले पहले ऑस्ट्रियाई चांसलर के रूप में नई दिल्ली में होना मेरे लिए गर्व की बात है।"

स्टॉकर के अनुसार, 75 वर्षों से अधिक की मजबूत मित्रता में यह यात्रा एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच समान मूल्यों वाले विश्वसनीय साझेदारों का एकत्रित होना अत्यंत आवश्यक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्टॉकर की यात्रा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने लिखा कि भारत को यूरोप के बाहर पहली यात्रा के लिए चुनने से यह स्पष्ट होता है कि आप भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। चार दशकों के बाद ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा बहुत मायने रखती है। वर्ष 2026 के भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक नया सुनहरा अध्याय शुरू होगा।

गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक के बाद, पीएम मोदी और चांसलर स्टॉकर ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान दोनों ने मध्य पूर्व संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य संघर्ष से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है। चाहे वह यूक्रेन का मामला हो या पश्चिम एशिया का, हम स्थायी और टिकाऊ शांति का समर्थन करते हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत की प्रतिभा ऑस्ट्रिया की नवोन्मेष और उत्पादकता को बढ़ाने की क्षमता रखती है। 2023 में, हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौता किया है। अब इस समझौते के तहत, हम नर्सिंग क्षेत्र में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे। हम संयुक्त अनुसंधान और स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। युवाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी शुरू कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक राजनीति में सहयोग को भी दर्शाती है। दोनों देशों के नेताओं ने मिलकर स्थायी शांति और विकास की दिशा में नए कदम उठाने की बात की है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रियाई चांसलर भारत क्यों आए हैं?
ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर भारत के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को और मजबूत बनाना है।
चांसलर स्टॉकर ने पीएम मोदी को किस लिए धन्यवाद दिया?
उन्होंने भारत आने के निमंत्रण और उत्कृष्ट मेहमाननवाजी के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया।
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच क्या नई पहल की गई है?
दोनों देशों ने माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौता किया है, जो नर्सिंग क्षेत्र में भी लागू होगा।
उन्होंने किस समस्या का समाधान न करने की बात की?
उन्होंने मध्य पूर्व संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों का भविष्य कैसा है?
दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया सुनहरा अध्याय शुरू होने वाला है, विशेषकर 2026 के भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद।
राष्ट्र प्रेस
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