ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा: महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- चांसलर स्टॉकर की यह पहली एशियाई यात्रा है।
- भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
- उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
- क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर विचार किया जाएगा।
- इस यात्रा से नई साझेदारी के अवसर खुलेंगे।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रिया के संघीय चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर और उनकी पत्नी गर्डा स्टॉकर लेगेनस्टीन 14 से 18 अप्रैल तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। यह चांसलर स्टॉकर की न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया में पहली आधिकारिक यात्रा है। स्टॉकर का यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है।
डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर और प्रधानमंत्री के बीच इस बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, साथ ही क्षेत्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार किया जाएगा।
वे 14 अप्रैल की रात 23:55 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। उनका आगमन इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (टी-3) पर होगा।
उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और पर्यटन से जुड़े मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापार जगत के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।
कार्यक्रम के अनुसार, 15 अप्रैल की शाम 5:00 बजे वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात होटल इम्पीरियल में होगी। उच्चस्तरीय मुलाकात के माध्यम से दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक संवाद को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
16 अप्रैल की सुबह 11:10 बजे वे राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद, सुबह 11:30 बजे वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगे। दोपहर 12:30 बजे दोनों पक्षों के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान होगा और इसके बाद प्रेस बयान जारी किए जाएंगे। वे शाम 6:00 बजे राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
17 अप्रैल को उनका कार्यक्रम दिल्ली में ही रहेगा। इसके बाद, 18 अप्रैल की रात 1:05 बजे वे भारत से प्रस्थान करेंगे।
इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर स्टॉकर के बीच व्यापक वार्ता होगी, जिसमें दोनों देश द्विपक्षीय सहयोग को नए क्षेत्रों में बढ़ाने पर जोर देंगे।
इस यात्रा के दौरान बहुपक्षीय मंचों पर तालमेल बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी, चांसलर स्टॉकर के सम्मान में एक औपचारिक दोपहर भोज का आयोजन भी करेंगे, जो इस यात्रा के कूटनीतिक महत्व को दर्शाता है।
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच संबंध लंबे समय से सौहार्दपूर्ण और बहुआयामी रहे हैं, जिनकी नींव साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी है। जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रिया यात्रा ने इन संबंधों को नई ऊंचाई दी थी, और अब चांसलर स्टॉकर का यह दौरा उसी प्रवृत्ति को आगे बढ़ाने का संकेत दे रहा है। यह यात्रा न केवल मौजूदा सहयोग को गहरा करेगी, बल्कि नए क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर भी खोलेगी, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत बन सकेंगे।