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राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट की नई SIT पर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा बोले — सच्चाई अब छुपेगी नहीं

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राम मंदिर चंदा विवाद: सुप्रीम कोर्ट की नई SIT पर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा बोले — सच्चाई अब छुपेगी नहीं

सारांश

राम मंदिर चंदा विवाद में सुप्रीम कोर्ट की नई SIT के निर्देश को सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सच्चाई उजागर होने की उम्मीद बताया। साथ ही उन्होंने छात्र प्रदर्शन पर पुलिस बल, सोनम वांगचुक के आंदोलन और मानसून सत्र में हंगामे को लेकर केंद्र व यूपी सरकार पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर चंदा विवाद में नई SIT गठित करने के निर्देश दिए, जिसे सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने सकारात्मक कदम बताया।
मेहरोत्रा के अनुसार, पहले की जांच संतोषजनक नहीं थी; अब शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच से दोषियों की पहचान हो सकेगी।
दिल्ली में छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल से कई छात्र घायल हुए; सपा सांसद डिंपल यादव भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थीं।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने का आरोप; उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
संसद मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित; विपक्ष ने आगामी दिनों में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की चेतावनी दी।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 20 जुलाई को लखनऊ में राम मंदिर चंदा विवाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश का स्वागत किया और कहा कि शीर्ष अदालत की निगरानी में हुई जांच से पूरे मामले की सच्चाई बाहर आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

राम मंदिर चंदा विवाद और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही

मेहरोत्रा ने कहा, 'अदालत ने नई विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि पहले की जांच संतोषजनक नहीं थी। अब यदि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होगी तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान हो सकेगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि तथ्यों के खुलासे के बाद कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि यह मामला राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसे लेकर विपक्ष लंबे समय से जवाबदेही की मांग करता रहा है।

दिल्ली में छात्र विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

सपा विधायक ने दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देशभर के युवा परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और रोजगार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए — जो उनके मुताबिक सरकार की दमनकारी नीति को दर्शाता है। मेहरोत्रा ने बताया कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी प्रदर्शन के दौरान मौजूद थीं और उनके साथ भी बल प्रयोग किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के कई सांसद छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे थे।

सोनम वांगचुक के आंदोलन पर प्रतिक्रिया

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का उल्लेख करते हुए मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर जबरन अनशन समाप्त कराने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। आलोचकों का कहना है कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

संसद के मानसून सत्र पर टिप्पणी

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही पर मेहरोत्रा ने कहा कि सदन के भीतर और बाहर हुए विरोध के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है और आगामी सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की मांग की जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज कर देती है। रविदास मेहरोत्रा का बयान विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा है जो राम मंदिर जैसे भावनात्मक मुद्दे पर जवाबदेही की मांग उठाकर सत्ता पक्ष को रक्षात्मक स्थिति में लाना चाहती है। छात्र प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का आंदोलन और संसद में हंगामा — ये तीनों घटनाएँ एक साथ सामने आई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि विपक्ष एक साथ कई मोर्चों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। असली सवाल यह है कि नई SIT की जांच कितनी स्वतंत्र होगी और उसके निष्कर्ष कब तक सार्वजनिक होंगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चंदा विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं?
सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर चंदा विवाद की जांच के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह इस बात का संकेत है कि पहले की जांच न्यायालय को संतोषजनक नहीं लगी।
सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने SIT पर क्या कहा?
रविदास मेहरोत्रा ने सुप्रीम कोर्ट की इस कार्यवाही का स्वागत किया और कहा कि शीर्ष अदालत की निगरानी में जांच होने से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की पहचान हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
दिल्ली छात्र प्रदर्शन में क्या हुआ और सपा का क्या रुख है?
मेहरोत्रा के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। सपा सांसद डिंपल यादव भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थीं और उनके साथ भी बल प्रयोग किया गया।
सोनम वांगचुक का आंदोलन किस मुद्दे पर है?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है। मेहरोत्रा के अनुसार, उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर जबरन अनशन समाप्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन वांगचुक ने अपनी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन क्या हुआ?
सदन के भीतर और बाहर विपक्षी हंगामे के कारण मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
राष्ट्र प्रेस
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