4 सितंबर 2026
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महाराष्ट्र: स्क्रैप रिक्शा पर सख्ती, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 5 अक्टूबर तक विशेष अभियान का आदेश दिया

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महाराष्ट्र: स्क्रैप रिक्शा पर सख्ती, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 5 अक्टूबर तक विशेष अभियान का आदेश दिया

सारांश

महाराष्ट्र में खटारा और अवैध रिक्शाओं पर सरकार का शिकंजा — परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 5 अक्टूबर की डेडलाइन दी है। मुंबई से नागपुर तक सभी आरटीओ को जवाबदेही रिपोर्ट देनी होगी। रिक्शा संगठनों ने भी अभियान का समर्थन किया।

मुख्य बातें

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 4 सितंबर को स्क्रैप और अवैध रिक्शाओं के खिलाफ 5 अक्टूबर तक विशेष अभियान का आदेश दिया।
परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर और रिक्शा-टैक्सी यूनियन नेता शशांक राव समेत राज्यभर के रिक्शा संगठन बैठक में शामिल हुए।
फर्जी दस्तावेजों पर पुनः पंजीकृत और बिना फिटनेस प्रमाण-पत्र वाले वाहनों पर जुर्माना व जब्ती की कार्रवाई होगी।
मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर में बड़ी संख्या में ऐसे रिक्शा बिना परमिट के चल रहे हैं।
सभी आरटीओ को 5 अक्टूबर तक कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट सौंपनी होगी।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 4 सितंबर को मोटर वाहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य की सड़कों पर दौड़ रहे खटारा और अवैध ऑटो रिक्शाओं के विरुद्ध 5 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाए। मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला एक भी स्क्रैप रिक्शा सड़क पर नहीं दिखना चाहिए।

बैठक में क्या हुआ

परिवहन मंत्री सरनाईक ने परिवहन आयुक्त कार्यालय में एक विशेष समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, रिक्शा-टैक्सी यूनियन के नेता शशांक राव और राज्यभर के विभिन्न रिक्शा संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में इस गंभीर समस्या पर विस्तार से चर्चा हुई कि स्क्रैप घोषित हो चुके रिक्शाओं को फर्जी दस्तावेजों के सहारे दोबारा सड़क पर उतारा जा रहा है।

मंत्री के निर्देश

मंत्री सरनाईक ने अधिकारियों को तीन बिंदुओं पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए — स्क्रैप वाहनों का पुनः उपयोग, फर्जी दस्तावेजों पर पुनः पंजीकरण, और बिना परमिट या फिटनेस प्रमाण-पत्र के यात्री ढोना। उन्होंने कहा, 'गैर-कानूनी तरीके से सड़कों पर दौड़ रहे स्क्रैप रिक्शा यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध व खतरनाक वाहनों से यात्री परिवहन की कोई छूट नहीं दी जाएगी।' ऐसे वाहनों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें जब्त करने के भी आदेश दिए गए हैं।

आरटीओ को जवाबदेही

मंत्री ने राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को अपने-अपने क्षेत्र में यह अभियान प्रभावी ढंग से चलाने का आदेश दिया है। सभी आरटीओ को 5 अक्टूबर तक की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

रिक्शा संगठनों का समर्थन

बैठक में रिक्शा संगठनों ने भी इस अभियान का खुलकर समर्थन किया। संगठनों का मानना है कि कुछ अवैध रिक्शाओं की वजह से पूरे ऑटो व्यवसाय की साख पर असर पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि केवल अधिकृत, फिटनेस-पास और सुरक्षित वाहनों को ही सड़क पर चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए।

ज़मीनी हालात

मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर समेत राज्य के कई बड़े शहरों में बड़ी संख्या में ऐसी रिक्शाएं बिना परमिट और फिटनेस प्रमाण-पत्र के चल रही हैं। इनमें ब्रेक फेल, टूटी-फूटी बॉडी और मीटर में गड़बड़ी जैसी खामियां आम हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सरकार के इस कदम के बाद अब ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फर्जी दस्तावेजों की समस्या बनी रही। असली परीक्षा यह है कि 5 अक्टूबर की डेडलाइन के बाद आरटीओ की जवाबदेही रिपोर्ट महज कागजी खानापूर्ति बनती है या वास्तविक बदलाव लाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। रिक्शा संगठनों का समर्थन सकारात्मक संकेत है, लेकिन बिना निरंतर निगरानी तंत्र के यह अभियान भी पिछले प्रयासों की तरह अल्पकालिक साबित हो सकता है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में स्क्रैप रिक्शा अभियान क्या है?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्देश पर मोटर वाहन विभाग 5 अक्टूबर तक राज्यभर में खटारा, अवैध और फर्जी दस्तावेजों पर चल रहे ऑटो रिक्शाओं के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। इसमें जुर्माना और वाहन जब्ती दोनों शामिल हैं।
इस अभियान में किन वाहनों पर कार्रवाई होगी?
स्क्रैप घोषित हो चुके रिक्शे जिन्हें फर्जी दस्तावेजों पर दोबारा पंजीकृत किया गया, बिना परमिट और फिटनेस प्रमाण-पत्र के चलने वाले वाहन, और नियमों का उल्लंघन कर यात्री ढोने वाले रिक्शे इस अभियान के दायरे में आएंगे।
किन शहरों में यह अभियान चलेगा?
मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर समेत महाराष्ट्र के सभी बड़े शहरों में सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को अपने-अपने क्षेत्र में यह अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।
रिक्शा संगठनों ने इस अभियान पर क्या कहा?
रिक्शा संगठनों ने अभियान का समर्थन किया और माना कि अवैध रिक्शाओं की वजह से पूरे ऑटो व्यवसाय की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा कि केवल अधिकृत, फिटनेस-पास और सुरक्षित वाहनों को ही सड़क पर चलने की अनुमति होनी चाहिए।
आरटीओ को क्या करना होगा?
सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को 5 अक्टूबर तक अपने क्षेत्र में की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट परिवहन मंत्रालय को सौंपनी होगी, जिससे अभियान की प्रगति की निगरानी की जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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