8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र RTO अनियमितताओं पर CM फडणवीस का बड़ा फैसला, IPS नारनवारे की अगुवाई में SIT गठित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र RTO अनियमितताओं पर CM फडणवीस का बड़ा फैसला, IPS नारनवारे की अगुवाई में SIT गठित

सारांश

महाराष्ट्र विधानसभा में CM फडणवीस ने RTO में कर चोरी और अनियमितताओं की जांच का ऐलान किया। IPS प्रियंका नारनवारे की अगुवाई में SIT गठित, एक माह में रिपोर्ट माँगी गई। साथ ही जनजातीय विभाग के एक अधिकारी को रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित किया गया।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 7 जुलाई 2026 को विधानसभा में महाराष्ट्र RTO में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रियंका नारनवारे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT गठित; एक माह में रिपोर्ट देनी होगी।
लग्जरी वाहन मालिक महाराष्ट्र में रहते हुए दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव और पुडुचेरी में पंजीकरण कराकर कर बचा रहे थे।
भविष्य में कर चोरी रोकने के लिए GST जांच, बैंक ऋण दस्तावेज़ और आवासीय प्रमाण की अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया लागू होगी।
ठाणे के जनजातीय विकास विभाग के उप निदेशक (अनुसंधान) को 13 फरवरी 2026 की ACB शिकायत के बाद रिश्वतखोरी मामले में तत्काल निलंबित किया गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 7 जुलाई 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में कथित अनियमितताओं, कर चोरी और अन्य गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। यह घोषणा विधायक विजय वडेट्टीवार द्वारा सदन में उठाए गए सवाल के जवाब में आई, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।

SIT का गठन और जांच का दायरा

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रियंका नारनवारे की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस SIT में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ और सतर्कता अधिकारी मंदार जावले भी शामिल हैं। समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

SIT आरटीओ विभाग के खिलाफ दर्ज शिकायतों, वीडियो फुटेज और अन्य आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लंबे समय से चर्चा में रहे हैं।

लग्जरी वाहनों में कर चोरी का मामला

सरनाइक ने बताया कि महंगी लग्जरी गाड़ियों के पंजीकरण में बड़े पैमाने पर कर चोरी सामने आई है। कई वाहन मालिक महाराष्ट्र में निवास करने और राज्य के बैंकों से ऋण लेने के बावजूद अपने वाहनों का पंजीकरण दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव तथा पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में करा रहे थे, जहाँ कर दरें अपेक्षाकृत कम हैं।

गौरतलब है कि यह प्रवृत्ति केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है — देश के कई बड़े राज्यों में इसी तरह की कर-बचत योजनाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। RTO ने ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी है।

नई सत्यापन प्रक्रिया लागू होगी

भविष्य में इस तरह की कर चोरी रोकने के लिए सरकार ने एक कड़ी बहु-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें GST जांच, बैंक ऋण दस्तावेज़ और आवासीय प्रमाण की अनिवार्य जाँच शामिल होगी। आलोचकों का कहना है कि यदि यह प्रणाली समय पर लागू हुई होती, तो राज्य को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान नहीं होता।

जनजातीय विभाग में रिश्वतखोरी, अधिकारी निलंबित

इसी विधानसभा सत्र में जनजातीय विकास मंत्री अशोक उइके ने सदन को सूचित किया कि ठाणे के चराई स्थित MTNL भवन में तैनात जनजातीय विकास विभाग के एक प्रथम श्रेणी उप निदेशक (अनुसंधान) को रिश्वतखोरी के मामले में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। यह जानकारी विधायक राजू तोडसम के प्रश्न के उत्तर में दी गई; विधायक धर्माराव अत्रम भी चर्चा में शामिल रहे।

उइके ने बताया कि भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) को 13 फरवरी 2026 को एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि संबंधित अधिकारी ने अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों से जुड़ी फाइलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत की माँग की थी। सचिव की मंजूरी से विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।

आगे क्या होगा

SIT को एक माह में रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लेगी। नई सत्यापन प्रणाली के लागू होने की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIT की रिपोर्ट और उस पर की गई कार्रवाई यह तय करेगी कि यह जांच महज औपचारिकता है या वास्तविक सुधार की शुरुआत।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसे रोकने के लिए पहले भी आश्वासन दिए जाते रहे हैं। असली सवाल यह है कि SIT की रिपोर्ट के बाद दोषियों पर वास्तव में कार्रवाई होगी या यह जांच भी फाइलों में दब जाएगी। जनजातीय विभाग में ST छात्रों की फाइलों के बदले रिश्वत की माँग सबसे कमज़ोर तबके के साथ सीधा धोखा है — यहाँ त्वरित न्याय की माँग सबसे अधिक न्यायसंगत है। विधानसभा में सवाल उठने के बाद ही कार्रवाई होना यह भी दर्शाता है कि स्वप्रेरणा से जवाबदेही का तंत्र अभी भी कमज़ोर है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र RTO में क्या अनियमितताएँ सामने आई हैं?
महाराष्ट्र RTO में मुख्य रूप से लग्जरी वाहनों के पंजीकरण में कर चोरी के मामले सामने आए हैं। वाहन मालिक महाराष्ट्र में रहते हुए और यहाँ के बैंकों से ऋण लेते हुए अपने वाहन दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव और पुडुचेरी जैसे कम-कर वाले क्षेत्रों में पंजीकृत करा रहे थे।
RTO जांच के लिए कौन-सी SIT गठित की गई है?
वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रियंका नारनवारे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT गठित की गई है। इसमें अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ और सतर्कता अधिकारी मंदार जावले भी शामिल हैं, और समिति को एक माह में रिपोर्ट देनी है।
भविष्य में RTO में कर चोरी रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?
सरकार ने GST जांच, बैंक ऋण दस्तावेज़ और आवासीय प्रमाण की अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है। यह बहु-स्तरीय प्रणाली वाहन पंजीकरण के समय ही लागू की जाएगी।
जनजातीय विभाग के अधिकारी को क्यों निलंबित किया गया?
ठाणे के चराई स्थित MTNL भवन में तैनात जनजातीय विकास विभाग के उप निदेशक (अनुसंधान) पर आरोप है कि उन्होंने ST छात्रों से जुड़ी फाइलों को मंजूरी देने के बदले रिश्वत माँगी। ACB को 13 फरवरी 2026 को शिकायत मिलने के बाद उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया।
यह मामला विधानसभा में कैसे उठा?
विधायक विजय वडेट्टीवार ने RTO अनियमितताओं पर प्रश्न उठाया, जिसके जवाब में CM फडणवीस ने उच्च स्तरीय जांच का ऐलान किया। जनजातीय विभाग वाला मामला विधायक राजू तोडसम के सवाल पर सामने आया, जिसमें विधायक धर्माराव अत्रम भी शामिल रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले