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ग्रिड सपोर्ट चार्ज आम उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए: CM फडणवीस का विधान परिषद में स्पष्टीकरण

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ग्रिड सपोर्ट चार्ज आम उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए: CM फडणवीस का विधान परिषद में स्पष्टीकरण

सारांश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधान परिषद में स्पष्ट किया कि ग्रिड सपोर्ट चार्ज केवल 0.13% उपभोक्ताओं पर लागू है और आम जनता की सुरक्षा के लिए है। MERC की ₹40,000 करोड़ की डबल-काउंटिंग त्रुटि सामने आने के बाद पुनर्सुनवाई शुरू हो चुकी है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 24 जून को विधान परिषद में कहा कि ग्रिड सपोर्ट चार्ज केवल 0.13% उपभोक्ताओं पर लागू है।
MERC की गणनाओं में ₹40,000 करोड़ की 'डबल-काउंटिंग' त्रुटि मिलने के बाद कमीशन ने फैसले पर रोक लगाई, पुनर्सुनवाई जारी।
महाराष्ट्र का औद्योगिक बिजली टैरिफ ₹8.19 प्रति यूनिट (2025-26); तमिलनाडु, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से कम।
पिछले दो वर्षों में राज्य में बिजली माँग में 20% की वृद्धि; 38,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ विकास में।
सरकार का लक्ष्य 2029-30 तक नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सेदारी 15% से बढ़ाकर 52% करना।
महाराष्ट्र देश के 60% सोलर कृषि पंप लगाकर राष्ट्रीय अग्रणी; केंद्र ने अन्य राज्यों को 'महाराष्ट्र मॉडल' अपनाने को कहा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 24 जून को महाराष्ट्र विधान परिषद में स्पष्ट किया कि ग्रिड सपोर्ट चार्ज का उद्देश्य सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पावर ग्रिड पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय दबाव को आम बिजली उपभोक्ताओं तक पहुँचने से रोकना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शुल्क केवल 0.13 प्रतिशत ग्राहकों पर लागू होता है और यह किसी का वित्तीय नुकसान नहीं, बल्कि कुछ उपभोक्ताओं के अतिरिक्त लाभ में मामूली कटौती है।

विधान परिषद में उठा मुद्दा

यह बयान विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल द्वारा राज्य में औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिक्री कर में बढ़ोतरी पर उठाए गए सवाल के जवाब में आया। चर्चा में भाई जगताप, एकनाथ खडसे और डॉ. नीलम गोरे सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि ग्रिड सपोर्ट चार्ज 1 फरवरी 2016 से लागू है और इसे पूर्वव्यापी प्रभाव से नहीं लगाया गया है।

MERC की 'डबल-काउंटिंग' और पुनर्सुनवाई

महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (MERC) की कुछ गणनाओं में ₹40,000 करोड़ की 'डबल-काउंटिंग' की त्रुटि सरकार के संज्ञान में आने के बाद कमीशन ने अपने फैसले पर रोक लगा दी है और मामले की फिर से सुनवाई शुरू की है। यह घटनाक्रम नियामकीय पारदर्शिता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है।

महाराष्ट्र की बिजली दरें और औद्योगिक विकास

ऊँची दरों के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में औद्योगिक बिजली की दरें तमिलनाडु, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से कम हैं। 2025-26 में राज्य का टैरिफ ₹8.19 प्रति यूनिट है। मल्टी-ईयर टैरिफ फ्रेमवर्क के तहत दरें 2029-30 तक निर्धारित कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा, 'अगर महाराष्ट्र में बिजली की दरें सचमुच ज़्यादा होतीं तो उद्योग दूसरे राज्यों में चले गए होते। इसके उलट बड़े उद्योग महाराष्ट्र में भारी निवेश कर रहे हैं।' गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में राज्य में बिजली की माँग में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

सौर ऊर्जा की तकनीकी चुनौतियाँ और भंडारण

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्पादित सौर ऊर्जा का केवल 35 प्रतिशत दिन में उपयोग होता है, जबकि शेष 65 प्रतिशत 'एनर्जी बैंकिंग' के माध्यम से रात में वापस लिया जाता है, जिससे वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव बनता है। इससे निपटने के लिए सरकार बड़े पैमाने पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम स्थापित कर रही है।

2022 में राज्य के कुल बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत थी। सरकार का लक्ष्य है कि 2029-30 तक इसे 52 प्रतिशत तक बढ़ाया जाए। इस दिशा में अभी 38,000 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं।

सोलर उत्पादकों से नई बातचीत और उपभोक्ता सुरक्षा

फडणवीस ने दोहराया कि राज्य सरकार ग्रिड सपोर्ट चार्ज और 'टाइम ऑफ डे' नीति को लेकर सोलर पावर उत्पादकों के साथ नई बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसके अतिरिक्त, पीएम सूर्य घर और सोलर एग्रीकल्चरल पंप योजनाओं के तहत अधिकृत वेंडर और शिकायत निवारण के लिए एक समर्पित व्यवस्था बनाई गई है। महाराष्ट्र देश के लगभग 60 प्रतिशत सोलर कृषि पंप स्थापित कर राष्ट्रीय नेतृत्व कर रहा है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों से 'महाराष्ट्र मॉडल' अपनाने का आग्रह किया है। ऊर्जा विभाग के अनुसार, इन पंपों के साथ बीमा कवर और पाँच वर्ष का गारंटीड रखरखाव अनुबंध भी दिया जाता है।

आने वाले समय में MERC की पुनर्सुनवाई और सोलर उत्पादकों के साथ वार्ता के नतीजे यह तय करेंगे कि महाराष्ट्र की ऊर्जा नीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि MERC जैसे स्वायत्त नियामक की गणनाओं में ₹40,000 करोड़ की 'डबल-काउंटिंग' कैसे हुई और इसे पकड़ने में इतना समय क्यों लगा। 0.13% उपभोक्ताओं पर चार्ज लगाना तकनीकी रूप से सीमित लग सकता है, लेकिन सोलर निवेशकों के लिए यह संकेत देता है कि नीतिगत स्थिरता अनिश्चित है। महाराष्ट्र का 2029-30 तक 52% नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य महत्त्वाकांक्षी है, और जब तक ग्रिड सपोर्ट चार्ज और 'टाइम ऑफ डे' नीति पर स्पष्टता नहीं आती, निजी सोलर निवेश की गति धीमी पड़ सकती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रिड सपोर्ट चार्ज क्या है और यह किस पर लागू होता है?
ग्रिड सपोर्ट चार्ज वह शुल्क है जो सौर ऊर्जा उत्पादकों पर लगाया जाता है ताकि पावर ग्रिड के अतिरिक्त वित्तीय बोझ को आम उपभोक्ताओं पर डालने से रोका जा सके। CM फडणवीस के अनुसार यह केवल 0.13% ग्राहकों पर लागू है और 1 फरवरी 2016 से प्रभावी है।
MERC की ₹40,000 करोड़ की डबल-काउंटिंग त्रुटि क्या है?
महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन की कुछ गणनाओं में ₹40,000 करोड़ की एक ही राशि को दो बार गिने जाने की त्रुटि सामने आई। इसके बाद MERC ने अपने फैसले पर रोक लगा दी और मामले की पुनर्सुनवाई शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र में बिजली की दरें अन्य राज्यों की तुलना में कैसी हैं?
CM फडणवीस के अनुसार महाराष्ट्र का औद्योगिक बिजली टैरिफ 2025-26 में ₹8.19 प्रति यूनिट है, जो तमिलनाडु, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से कम है। मल्टी-ईयर टैरिफ फ्रेमवर्क के तहत दरें 2029-30 तक निर्धारित हैं।
महाराष्ट्र का नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य क्या है?
राज्य सरकार का लक्ष्य 2022 के 15% से बढ़ाकर 2029-30 तक नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 52% करना है। इस दिशा में 38,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं और बड़े पैमाने पर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किए जा रहे हैं।
सोलर एग्रीकल्चरल पंप में महाराष्ट्र की क्या भूमिका है?
महाराष्ट्र देश के लगभग 60% सोलर कृषि पंप स्थापित कर राष्ट्रीय नेतृत्व कर रहा है। केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों से 'महाराष्ट्र मॉडल' अपनाने का आग्रह किया है; इन पंपों के साथ बीमा कवर और पाँच वर्ष का गारंटीड रखरखाव अनुबंध भी दिया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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