महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में 11,995 करोड़ रुपए की पूरक मांगों का प्रस्ताव रखा

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महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा में 11,995 करोड़ रुपए की पूरक मांगों का प्रस्ताव रखा

सारांश

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11,995 करोड़ रुपए की पूरक मांगें प्रस्तुत कीं। ये मांगें कृषि और औद्योगिक प्रोत्साहन पर केंद्रित हैं, जिससे राज्य का वित्तीय दबाव और बढ़ने का अनुमान है।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 11,995 करोड़ रुपए की पूरक मांगें प्रस्तुत कीं।
  • कृषि और उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन आवंटित किया गया है।
  • राजस्व घाटा बढ़ने के कारण वित्तीय स्थिति में दबाव है।
  • 2030 तक 52 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य है।
  • सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं।

मुंबई, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के वित्तीय दबाव के बीच, मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 11,995 करोड़ रुपए की पूरक मांगें प्रस्तुत कीं।

इस राशि में से 3,112.85 करोड़ रुपए का आवंटन राज्य में कृषि पंप, पावर लूम और कपड़ा उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क में दी गई छूट के लिए किया गया है, जबकि 803.94 करोड़ रुपए का उपयोग प्रोत्साहन पैकेज योजना के तहत लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए किया जाएगा।

सरकार ने सौर कृषि पंप योजना के तहत एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक से प्राप्त ऋण को राज्य बिजली वितरण कंपनी महावितरण को हस्तांतरित करने के लिए 4,792.02 करोड़ रुपए की राशि प्रस्तावित की है। इस आवंटन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक 52 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए 1,431.05 करोड़ रुपए की अतिरिक्त निधि का प्रस्ताव दिया है। मार्च 2025 में अजीत पवार ने 45,890 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे के साथ बजट पेश किया था।

जून 2025 में, सरकार ने 57,509.71 करोड़ रुपए की पूरक मांगें प्रस्तुत कीं, जिससे राजस्व घाटा एक लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया।

दिसंबर 2025 में शीतकालीन सत्र के दौरान, 75,286.37 करोड़ रुपए की पूरक मांगों के साथ, राजस्व घाटा दो लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को छू चुका था। 45,891 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे के अलावा, बजट 2025-26 में अनुमान लगाया गया कि महाराष्ट्र का ऋण भार 9.32 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा।

मंगलवार को प्रस्तुत की गई पूरक मांगों में राज्य सरकार ने नए और अतिरिक्त व्यय का प्रस्ताव नहीं रखा है, बल्कि किसानों के लिए बिजली सब्सिडी और उद्योग प्रोत्साहनों पर ध्यान केंद्रित किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 6 मार्च को वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

इससे पहले, विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में सीएम ने कहा कि राज्य इस वर्ष के अंत तक 16 गीगावाट (जीडब्ल्यू) सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। 2032 तक राज्य का लक्ष्य अतिरिक्त 45 गीगावाट ऊर्जा उत्पादन करना है, जिसमें से 70 प्रतिशत सौर ऊर्जा से प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, जो चार साल पहले 13 प्रतिशत थी, 2030 तक 52 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि किसानों को बिजली आपूर्ति की लागत 8 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 3 रुपए प्रति यूनिट से भी कम हो गई है। यह बदलाव न सिर्फ किसानों को लाभ पहुंचा रहा है, बल्कि उद्योगों और परिवारों पर वित्तीय बोझ को भी कम कर रहा है।

बता दें कि सरकार 5,630 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 24,631 करोड़ रुपए के अनुमानित कुल निवेश के साथ पूंजीगत आवंटन कर रही है।

राष्ट्र प्रेस

सत्यम/डीकेपी

Point of View

जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों और उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि, बढ़ते राजस्व घाटे को देखते हुए इन कदमों के दीर्घकालिक प्रभाव पर विचार करना आवश्यक है।
NationPress
26/02/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र सरकार ने पूरक मांगें क्यों पेश कीं?
राज्य के वित्तीय दबाव को कम करने और कृषि तथा उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए।
कितना धन कृषि क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है?
3,112.85 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
सरकार का सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य क्या है?
राज्य का लक्ष्य 2032 तक 45 गीगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा उत्पादन करना है।
राजस्व घाटा किन कारणों से बढ़ रहा है?
बढ़ते खर्च और पूरक मांगों के कारण राज्य का राजस्व घाटा बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कब बजट पेश करने की घोषणा की है?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 6 मार्च को बजट पेश करने की घोषणा की है।
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