महाराष्ट्र का बजट: दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि, स्मारक और 'गतिमान नागरी सेवा पुरस्कार' की घोषणा
सारांश
Key Takeaways
- बजट दिवंगत अजित पवार को समर्पित
- कृषि और आवास पर जोर
- गतिमान नागरी सेवा पुरस्कार की घोषणा
- मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
- एमएसएमई को आर्थिक सहायता
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की याद में समर्पित किया गया है, जिनका असामयिक निधन राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति साबित हुआ है।
सीएम फडणवीस ने भावुक स्वर में कहा कि अजित पवार ने 11 बार राज्य बजट प्रस्तुत किया था और उनके साथ बजट का गहरा संबंध था। उनके कठोर अनुशासन और मेहनत के चलते महाराष्ट्र की आर्थिक स्थिति कठिन समय में भी स्थिर रही। उन्होंने विकास की दिशा में जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अजित पवार के व्यक्तित्व के अनुरूप एक भव्य स्मारक का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही, उनके नाम पर 'गतिमान नागरी सेवा पुरस्कार' की स्थापना की जाएगी, जो कुशल और गतिशील सिविल सेवकों को सम्मानित करेगा।
बजट में कृषि और किसान कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसमें किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। फडणवीस ने बताया कि राज्य की कृषि आय में पशुपालन का योगदान 25 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना' शुरू की जाएगी। पशुपालन और मत्स्य पालन को कृषि के समान दर्जा दिया जाएगा, जिससे उन्हें सभी बुनियादी सुविधाएं और रियायतें प्राप्त होंगी।
सीएम ने बताया कि किसानों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए 'वसुधा' नामक संदेश सेवा शुरू की जाएगी। एग्रीस्टैक में 1 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसमें आदिवासी वन पट्टाधारक भी शामिल हैं। महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका लक्ष्य 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को प्राकृतिक खेती के अंतर्गत लाना है।
उन्होंने बताया कि कृषि अर्थव्यवस्था को 9 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जीडीपी को 55 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना है। किसानों की उपज को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत मूल्य श्रृंखला तैयार की जाएगी। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे महावेध, क्रॉपसैप, महाडीबीटी और को-ऑपरेटिव स्टैक को एकीकृत किया जाएगा। स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना समूह अनुदान योजना में कृषि श्रमिकों को भी शामिल किया जाएगा।
बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) चरण-2 के तहत 27,87,000 घरों को मंजूरी दी गई है, जिसमें अब तक 33,410 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इन घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाएगा। पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत 54,129 घर मंजूर किए गए, जिनमें से 17,929 का निर्माण पूरा हो चुका है। ग्रामीण गरीब परिवारों को पक्के घरों की गारंटी दी गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रमुख शहरों में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। मुंबई, नागपुर और पुणे में मेट्रो लाइनों की लंबाई बढ़ाकर 490 किलोमीटर की जाएगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन मार्ग पर स्थित तीन स्टेशनों का कार्य 2027 तक पूरा होगा। मुंबई में 20 लाख झुग्गी-झोपड़ियों और 10 लाख किफायती आवासों का पुनर्विकास किया जाएगा।
वडाला से गेटवे ऑफ इंडिया तक मुंबई मेट्रो लाइन 11 भूमिगत परियोजना 23,487 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होगी, जिसे धारावी पुनर्वास से बांद्रा तक विस्तारित किया जाएगा। मुंबई मेट्रो लाइन 8 (हवाई अड्डा कनेक्टिविटी) 22,862 करोड़ रुपये में शुरू होगी। तालोजा से खांडेश्वर तक मेट्रो लाइन-2 नवी मुंबई हवाई अड्डे को जोड़ेगी। गोरेगांव-मुलुंड लिंक का पहला चरण अंतिम चरण में है।
बजट में उद्योग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को 12 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जीडीपी को 123 अरब डॉलर से 1500 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना है। महाराष्ट्र को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। हर उद्योग-प्रधान जिले में औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे। एमएसएमई के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बहरहाल, 'लाडकी बहिन योजना' आवश्यक फंडिंग के साथ जारी रहेगी। हालांकि, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने और असली लाभार्थियों को लक्षित करने के लिए एक वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई गई है।