पश्चिम बंगाल: टीएमसी प्रतिनिधिमंडल की ईसीआई की पूर्ण पीठ से महत्वपूर्ण मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी ने तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है।
- प्रतिनिधिमंडल ईसीआई से 'तार्किक विसंगति' पर चर्चा करेगा।
- बैठक में हर पार्टी को 10 मिनट का समय मिलेगा।
- पहला सत्र टीएमसी को मिलने की संभावना है।
- 60 लाख से अधिक मतदाता दस्तावेजों की सुनवाई चल रही है।
कोलकाता, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल सोमवार को कोलकाता में भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की पूर्ण पीठ से बातचीत करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में नादिया जिले के कृष्णानगर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा, राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम, और पश्चिम बंगाल की वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य शामिल हैं।
तृणमूल कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल इस बात पर जोर देगा कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम उन मतदाता दस्तावेजों के न्यायिक निपटारे से पहले घोषित न किया जाए, जिन्हें 'तार्किक विसंगति' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
सूत्र ने यह भी बताया कि प्रतिनिधिमंडल राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 'जीवित' मतदाताओं को 'मृत' मतदाताओं के रूप में चिह्नित किए जाने के मामलों को भी उजागर करेगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ 8 मार्च की रात को कोलकाता पहुंचेगी।
9 मार्च को आयोग सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक विभिन्न पंजीकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेगा, जिसमें प्रत्येक दल को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए 10 मिनट का समय दिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस को बैठक में पहले सत्र में चर्चा करने का अवसर मिलने की संभावना है।
इस बीच, 'तार्किक विसंगति' मामलों की चल रही न्यायिक सुनवाई के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में 10 मार्च को एक महत्वपूर्ण सुनवाई होगी।
शुरू में 60 लाख से अधिक मतदाता दस्तावेजों को न्यायिक सुनवाई के लिए भेजा गया था।