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गर्मियों में शहद का सेवन: आयुर्वेद के अनुसार सही तरीका और सावधानियाँ

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गर्मियों में शहद का सेवन: आयुर्वेद के अनुसार सही तरीका और सावधानियाँ

सारांश

गर्मियों में शहद हानिकारक नहीं — बशर्ते इसे सही तरीके से लिया जाए। आयुर्वेद का 'योगवाही' सिद्धांत कहता है कि शहद जिसके साथ मिलाया जाए, वैसे ही गुण अपना लेता है। मिट्टी के घड़े के पानी, नींबू, दही या सत्तू के साथ शहद इस मौसम में भी अमृत समान है।

मुख्य बातें

आयुर्वेद में शहद को योगवाही द्रव्य कहा गया है — यह जिस चीज़ के साथ मिलाया जाए, उसी के गुण ग्रहण करता है।
गर्मियों में शहद को मिट्टी के घड़े के पानी और नींबू के साथ सुबह खाली पेट लेना लाभदायक है।
सत्तू में शहद मिलाकर लेने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और मांसपेशियों की थकान दूर होती है।
दही के साथ शहद एक प्रोबायोटिक संयोजन है जो पाचन मज़बूत करता है और लू से बचाता है।
शहद और घी का एक साथ सेवन विरुद्ध आहार है — इससे वात-पित्त असंतुलन और अत्यधिक गर्मी हो सकती है।

आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शहद का सेवन तब हानिकारक हो सकता है जब इसे सीधे या गलत खाद्य पदार्थों के साथ लिया जाए, लेकिन सही विधि अपनाने पर यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करता है। 30 अप्रैल को आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित यह जानकारी उन लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो गर्मी के मौसम में शहद के उपयोग को लेकर असमंजस में रहते हैं।

आयुर्वेद में शहद की तासीर और 'योगवाही' गुण

आयुर्वेद में शहद को अमृत की संज्ञा दी गई है। हालाँकि इसकी तासीर गर्म और नमी देने वाली होती है, किंतु इसे 'योगवाही' द्रव्य भी कहा गया है। इसका अर्थ है कि शहद जिस वस्तु के साथ मिलाकर लिया जाए, वह उसी के गुण आत्मसात कर लेता है। गर्मियों में जब वायुमंडल में पहले से ताप और नमी होती है, तो शरीर के अंदर पित्त बढ़ने लगता है — ऐसे में शहद के सेवन की विधि निर्णायक भूमिका निभाती है।

गर्मियों में शहद सेवन के सही तरीके

आयुर्वेद के अनुसार, यदि शहद को मिट्टी के घड़े के पानी और नींबू के साथ सुबह खाली पेट लिया जाए, तो यह शरीर को ठंडा रखने में सहायक होता है और वजन नियंत्रण में भी मदद करता है। गर्मियों में लोकप्रिय सत्तू में चीनी की जगह शहद मिलाना एक बेहतर विकल्प है — यह मिश्रण शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और मांसपेशियों की थकान को भी दूर करता है।

इसके अतिरिक्त, दोपहर के समय दही के साथ शहद लेना भी लाभदायक बताया गया है। शहद और दही का संयोजन एक उत्कृष्ट प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ है, जो पाचन तंत्र को मज़बूत करता है और लू से बचाने में भी सहायता करता है।

किन स्थितियों में शहद हानिकारक हो सकता है

यदि शहद का सेवन सीधे तौर पर किया जाए, तो यह शरीर में पित्त बढ़ाकर गर्मी और जलन उत्पन्न कर सकता है। आयुर्वेद में शहद और घी का एक साथ सेवन विरुद्ध आहार की श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों को मिलाकर खाने से शरीर में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है और वात एवं पित्त का असंतुलन भी होता है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और लोग पारंपरिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। शहद का सही उपयोग न केवल स्वास्थ्य लाभ देता है, बल्कि बाज़ार में उपलब्ध रासायनिक पेय पदार्थों का एक प्राकृतिक विकल्प भी प्रदान करता है। गौरतलब है कि आयुर्वेद में ऋतु के अनुसार आहार को स्वास्थ्य का आधार माना गया है।

क्या होगा आगे

आयुर्वेद विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्मियों में शहद को सीमित मात्रा में और सही संयोजन के साथ ही लें। ठंडे पानी, दही, या सत्तू जैसे ठंडी तासीर वाले पदार्थों के साथ शहद का उपयोग इस मौसम में न केवल सुरक्षित है, बल्कि गुणकारी भी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी इस विषय पर नैदानिक शोध अत्यंत सीमित है। मुख्यधारा की स्वास्थ्य पत्रकारिता अक्सर इन पारंपरिक दावों को बिना वैज्ञानिक संदर्भ के प्रसारित करती है। असली प्रश्न यह है कि क्या 'सही विधि' के ये नुस्खे नियंत्रित अध्ययनों पर आधारित हैं या केवल पीढ़ियों से चली आ रही लोक-परंपरा पर — पाठक को यह अंतर जानना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्मियों में शहद का सेवन करना चाहिए या नहीं?
आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में शहद का सेवन सही विधि से किया जाए तो यह लाभदायक होता है। इसे मिट्टी के घड़े के पानी, नींबू, दही या सत्तू के साथ लेने पर इसकी तासीर बदल जाती है और यह शरीर को ठंडक देता है।
आयुर्वेद में शहद को 'योगवाही' क्यों कहा गया है?
'योगवाही' का अर्थ है कि शहद जिस वस्तु के साथ मिलाया जाए, उसी के गुण आत्मसात कर लेता है। इसीलिए ठंडे पदार्थों के साथ लेने पर यह ठंडा प्रभाव देता है और गर्म पदार्थों के साथ लेने पर गर्म।
शहद और घी एक साथ क्यों नहीं खाने चाहिए?
आयुर्वेद में शहद और घी का एक साथ सेवन 'विरुद्ध आहार' माना गया है। इनका संयोजन शरीर में अत्यधिक गर्मी और वात-पित्त असंतुलन पैदा करता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
गर्मियों में शहद के साथ सत्तू लेना कितना फायदेमंद है?
सत्तू में चीनी की जगह शहद मिलाने से यह मिश्रण शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, ऊर्जा देता है और मांसपेशियों की थकान दूर करता है। यह एक पारंपरिक और प्राकृतिक ग्रीष्मकालीन पेय का बेहतर विकल्प है।
गर्मियों में शहद सीधे खाने से क्या नुकसान हो सकता है?
सीधे शहद खाने से शरीर में पित्त बढ़ सकता है, जिससे गर्मी, जलन और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। आयुर्वेद में इसे ठंडी तासीर वाले पदार्थों के साथ मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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