जम्मू से श्रीनगर सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस: 8 की जगह 20 कोच, रेल मंत्री वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी
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सारांश
जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी का नया युग: वंदे भारत अब सीधे जम्मू से श्रीनगर तक दौड़ेगी — 8 की जगह 20 कोच के साथ। यह सिर्फ ट्रेन का विस्तार नहीं, बल्कि दशकों की भौगोलिक और राजनीतिक दूरी को पाटने की कोशिश है।
Key Takeaways
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 अप्रैल 2026 को जम्मू तवी स्टेशन से विस्तारित वंदे भारत सेवा को हरी झंडी दिखाई। ट्रेन अब जम्मू से सीधे श्रीनगर तक चलेगी; पहले कटरा पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी। कोच की संख्या 8 से बढ़कर 20 हो गई है। नियमित सेवा 2 मई 2026 से शुरू होगी। सुरक्षा की ज़िम्मेदारी RPF , GRP और CRPF मिलकर संभाल रहे हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 अप्रैल 2026 को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस की विस्तारित सेवा को हरी झंडी दिखाई, जो अब सीधे जम्मू से श्रीनगर तक चलेगी। इससे पहले यह ट्रेन केवल कटरा से श्रीनगर के बीच संचालित होती थी और यात्रियों को जम्मू से कटरा पहुँचकर ट्रेन बदलनी पड़ती थी। अब 8 कोच की जगह 20 कोच वाली यह ट्रेन 2 मई से नियमित सेवा में आएगी।
क्या बदला इस विस्तार में
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) से जुड़े पंकज गंगवार ने राष्ट्र प्रेस को बताया,
Point of View
लेकिन असली परीक्षा परिचालन की निरंतरता और सुरक्षा की होगी — खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियाँ बनी हुई हैं। 20 कोच की क्षमता वृद्धि स्वागतयोग्य है, पर यह भी देखना होगा कि पर्यटन सीज़न में बढ़ती माँग के अनुरूप आवृत्ति (frequency) भी बढ़ाई जाती है या नहीं। राजनीतिक उद्घोषणाओं से परे, यह रेल लिंक तभी सार्थक होगा जब यह पूरे वर्ष मौसम और सुरक्षा बाधाओं के बावजूद विश्वसनीय रूप से चले।
NationPress
30/04/2026
Frequently Asked Questions
जम्मू से श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस कब से शुरू होगी?
उद्घाटन 30 अप्रैल 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जम्मू तवी स्टेशन से किया। नियमित सेवा 2 मई 2026 से शुरू होगी।
नई वंदे भारत सेवा में कितने कोच होंगे?
पहले यह ट्रेन कटरा से 8 कोच के साथ चलती थी। अब जम्मू से श्रीनगर के विस्तारित रूट पर यह 20 कोच के साथ चलेगी।
पहले यात्रियों को क्या परेशानी होती थी?
पहले जम्मू से श्रीनगर जाने के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं थी। यात्रियों को पहले जम्मू से कटरा जाना पड़ता था और फिर कटरा में ट्रेन बदलकर श्रीनगर जाना होता था।
इस रूट की सुरक्षा कौन संभालेगा?
जम्मू-श्रीनगर रेल रूट पर टनल और ट्रैक की सुरक्षा RPF, GRP और CRPF के जवान मिलकर संभाल रहे हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार काम जारी है।
इस विस्तार का जम्मू-कश्मीर पर क्या असर होगा?
यह विस्तार पर्यटन, तीर्थयात्रा और व्यापार तीनों को बढ़ावा देगा। वैष्णो देवी श्रद्धालु और कश्मीर घाटी के पर्यटक अब बिना ट्रेन बदले सीधे यात्रा कर सकेंगे, जिससे समय और असुविधा दोनों कम होंगे।