पाकिस्तान को जानकारी भेज रहा था जासूसी गिरोह, कपूरथला पुलिस ने दो आरोपी दबोचे
सारांश
Key Takeaways
कपूरथला पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को एक सक्रिय जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो सिम-आधारित सीसीटीवी उपकरणों के ज़रिए संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक पहुँचा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कपूरथला पुलिस ने अन्य जाँच एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, गिरोह में शामिल सदस्य सिम-आधारित कनेक्टिविटी वाले सीसीटीवी उपकरण संवेदनशील स्थानों पर स्थापित करते थे और उनसे प्राप्त जानकारी सीधे पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी जाती थी। पुलिस ने इस पूरे मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
गिरोह का तरीकाकार
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क को सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था — इसमें कई सदस्यों को शामिल किया गया था और जानकारी एकत्र करने से लेकर उसे सीमा पार भेजने तक की एक व्यवस्थित कार्यप्रणाली बनाई गई थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरोह में संलिप्त अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की प्रतिक्रिया
कपूरथला पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। पुलिस ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसमें किसी भी संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे राज्य में शांति बनाए रखने और जासूसी नेटवर्क को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जालंधर से जुड़ा पूर्व मामला
गौरतलब है कि इससे पहले जालंधर से भी एक ऐसे ही गिरोह का मामला सामने आया था, जिसके सदस्य सैन्य गतिविधियों को कैमरे में कैद करके मोबाइल ऐप्स के ज़रिए पाकिस्तान को भेजते थे। जालंधर पुलिस ने उस मामले में सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया था और उससे पूछताछ जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा पार जासूसी नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच का दायरा और बढ़ाया जाएगा तथा गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।