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महाराष्ट्र सरकार ने ₹89,731 करोड़ के 5 मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, 20,000 रोजगार का अनुमान

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महाराष्ट्र सरकार ने ₹89,731 करोड़ के 5 मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, 20,000 रोजगार का अनुमान

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने एक बैठक में ₹89,731 करोड़ के पाँच मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी — सोलर, इलेक्ट्रिक स्टील और कोल गैसीफिकेशन जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में। फडणवीस सरकार का दावा है कि विदर्भ, मराठवाड़ा और नासिक में 20,000 रोजगार पैदा होंगे। असली परीक्षा अब क्रियान्वयन की होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 26 मई 2026 को ₹89,731 करोड़ के 5 मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई।
इन परियोजनाओं से लगभग 20,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
स्वीकृत क्षेत्रों में कोल गैसीफिकेशन, सोलर सेल मॉड्यूल, इलेक्ट्रिक स्टील, पीईटी टायर कॉर्ड और सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल शामिल हैं।
विदर्भ, मराठवाड़ा और नासिक जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे , सुनेत्रा अजित पवार और उद्योग मंत्री उदय सामंत उपस्थित रहे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 26 मई 2026 को मुंबई में उद्योग विभाग की कैबिनेट उपसमिति की बैठक हुई, जिसमें ₹89,731 करोड़ के पाँच मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया। सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 20,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

किन क्षेत्रों को मिली मंजूरी

कैबिनेट उपसमिति ने जिन पाँच परियोजनाओं को हरी झंडी दी है, वे हाई-टेक और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इनमें कोल गैसीफिकेशन और संबंधित उत्पाद, सोलर सेल मॉड्यूल, इंगोट और वेफर पैनल, इलेक्ट्रिक स्टील, पीईटी टायर कॉर्ड तथा सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का तेज़ी से विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री फडणवीस का बयान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैठक में कहा कि इन निवेशों से विदर्भ, मराठवाड़ा और नासिक समेत कई क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित होगा। उन्होंने बताया कि राज्य की औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को सामूहिक प्रोत्साहन योजना के ज़रिए विभिन्न रियायतें और सुविधाएँ दी जाती हैं। फडणवीस ने यह भी कहा कि इन परियोजनाओं के ज़रिए स्थानीय युवाओं के लिए ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के नए अवसर तैयार होंगे।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, उद्योग मंत्री उदय सामंत, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अंबलगन, एमआईडीसी (MIDC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलारासु और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

सरकार के मुताबिक इन मेगा प्रोजेक्ट्स से केवल निवेश और रोजगार ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन को भी मज़बूती मिलेगी। इसके साथ ही रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलने से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी नए अवसर तैयार होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र देश के सबसे बड़े औद्योगिक राज्य के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने की कोशिश में है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि कैबिनेट उपसमिति का गठन ही बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने के स्पष्ट उद्देश्य से किया गया है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी MIDC और उद्योग विभाग करेंगे। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की ज़मीनी प्रगति और रोजगार सृजन के आँकड़े ही इस निर्णय की वास्तविक सफलता तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

731 करोड़ का यह निवेश आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन महाराष्ट्र में मेगा प्रोजेक्ट्स की घोषणाओं और उनके ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई पहले भी चर्चा का विषय रही है। 20,000 रोजगार का अनुमान 'प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष' दोनों को मिलाकर दिया गया है — जो एक परिचित तरीका है जिससे असली रोजगार संख्या धुंधली हो जाती है। विदर्भ और मराठवाड़ा जैसे पिछड़े क्षेत्रों का उल्लेख सही दिशा में है, पर इन इलाकों में औद्योगिक परियोजनाओं को बुनियादी ढाँचे और कुशल श्रमशक्ति की कमी जैसी पुरानी चुनौतियाँ झेलनी पड़ती हैं। बिना स्वतंत्र रोजगार-सत्यापन तंत्र के यह घोषणा भी उन सुर्खियों में शामिल होने का जोखिम उठाती है जो निवेश का उत्सव मनाती हैं, पर नौकरियाँ गिनना भूल जाती हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार ने किन 5 मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है?
महाराष्ट्र सरकार ने कोल गैसीफिकेशन, सोलर सेल मॉड्यूल-इंगोट-वेफर पैनल, इलेक्ट्रिक स्टील, पीईटी टायर कॉर्ड और सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड मैटेरियल क्षेत्रों में पाँच मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। ये सभी परियोजनाएँ हाई-टेक और भविष्योन्मुखी विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़ी हैं।
इन प्रोजेक्ट्स से कितने रोजगार मिलेंगे और कहाँ?
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से लगभग 20,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से विदर्भ, मराठवाड़ा और नासिक जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
₹89,731 करोड़ के इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी किसने दी?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की कैबिनेट उपसमिति ने 26 मई 2026 को मुंबई में हुई बैठक में इन परियोजनाओं को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा अजित पवार और उद्योग मंत्री उदय सामंत भी मौजूद थे।
महाराष्ट्र की सामूहिक प्रोत्साहन योजना क्या है?
राज्य की औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को सामूहिक प्रोत्साहन योजना के ज़रिए विभिन्न रियायतें और सुविधाएँ दी जाती हैं। बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट उपसमिति का गठन किया गया है।
इन परियोजनाओं से छोटे उद्योगों को क्या फायदा होगा?
सरकार के मुताबिक इन मेगा प्रोजेक्ट्स से स्थानीय व्यापार, सहायक उद्योगों और सप्लाई चेन को मज़बूती मिलेगी। रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलने से छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी नए अवसर तैयार होने का अनुमान है।
राष्ट्र प्रेस
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