महाराष्ट्र कैबिनेट ने एआई पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी, ₹10,000 करोड़ निवेश और 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य

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महाराष्ट्र कैबिनेट ने एआई पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी, ₹10,000 करोड़ निवेश और 1.5 लाख नौकरियों का लक्ष्य

सारांश

महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक ही बैठक में एआई पॉलिसी 2026, मैजेस्टिक ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट, एलएसई में आंबेडकर पीठ और 300 करोड़ पेड़ लगाने के अभियान को मंजूरी दी — यह फैसले राज्य की तकनीक, पर्यावरण और सामाजिक न्याय की दिशा में एक साथ बड़े दांव हैं।

Key Takeaways

  • महाराष्ट्र कैबिनेट ने 29 अप्रैल 2026 को एआई पॉलिसी 2026 को मंजूरी दी; लक्ष्य ₹10,000 करोड़+ निवेश और 1.5 लाख नौकरियाँ
  • पॉलिसी में 6 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 5 एआई इनोवेशन शहर स्थापित किए जाएंगे।
  • मैजेस्टिक प्रोजेक्ट के ज़रिए हरित ऊर्जा और ट्रांसमिशन क्षमता मज़बूत होगी; विश्व बैंक से ऋण लिया जाएगा।
  • लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पीठ स्थापित होगी।
  • राज्यभर में 300 करोड़ पेड़ लगाने के अभियान के लिए विशेष आयोग बनेगा।
  • दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति में 12 साल बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को राज्य कैबिनेट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पॉलिसी 2026 को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस नीति का लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना और 1.5 लाख रोज़गार के अवसर सृजित करना है। इसी बैठक में कैबिनेट ने हरित ऊर्जा उपयोग और ट्रांसमिशन क्षमता सुदृढ़ीकरण से जुड़े 'मैजेस्टिक' प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति प्रदान की।

एआई पॉलिसी 2026 में क्या है

एआई पॉलिसी 2026 के तहत पूरे महाराष्ट्र में 6 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 5 एआई इनोवेशन शहरों की स्थापना का प्रस्ताव है। इन केंद्रों का उद्देश्य राज्य के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है।

गौरतलब है कि कैबिनेट की यह मंजूरी मुख्यमंत्री फडणवीस द्वारा 'महाचतुर एआई चैटबोट' लॉन्च किए जाने के महज दो दिन बाद आई है। यह चैटबोट व्हाट्सऐप पर उपलब्ध है और शिक्षा से लेकर रोज़गार तक की यात्रा को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा,

Point of View

लेकिन ₹10,000 करोड़ के निवेश और 1.5 लाख नौकरियों के लक्ष्य की विश्वसनीयता तब तक अधूरी रहेगी जब तक क्रियान्वयन का ठोस ढाँचा सार्वजनिक न हो। 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 5 इनोवेशन शहरों की घोषणा पिछले कई राज्यों की 'टेक हब' परियोजनाओं की याद दिलाती है, जिनमें से अनेक कागज़ों से ज़मीन तक नहीं पहुँच पाईं। मैजेस्टिक प्रोजेक्ट के लिए विश्व बैंक ऋण की निर्भरता एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि इससे जवाबदेही का बाहरी दबाव बनेगा — लेकिन असली कसौटी राज्य की ग्रिड क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की गति होगी। एलएसई में आंबेडकर पीठ और दिव्यांग छात्रवृत्ति वृद्धि जैसे सामाजिक न्याय के कदम सराहनीय हैं, पर इनकी दीर्घकालिक सफलता निरंतर वित्त पोषण पर निर्भर करेगी।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र एआई पॉलिसी 2026 क्या है?
यह महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा 29 अप्रैल 2026 को मंजूर की गई राज्य की पहली व्यापक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति है, जिसका लक्ष्य ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित करना और 1.5 लाख रोज़गार के अवसर पैदा करना है। इसमें 6 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 5 एआई इनोवेशन शहरों की स्थापना का प्रस्ताव है।
मैजेस्टिक प्रोजेक्ट क्या है और इसे फंडिंग कहाँ से मिलेगी?
'मैजेस्टिक' (महाराष्ट्र: कनेक्टेड ग्रिड में हरित ऊर्जा और भंडारण प्रौद्योगिकियों के एकीकरण में तेजी लाना) एक परियोजना है जो राज्य की ग्रीन एनर्जी उपयोग क्षमता और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करेगी। इसके लिए विश्व बैंक से ऋण लिया जाएगा और कैबिनेट ने प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की भी मंजूरी दी है।
महाचतुर चैटबोट क्या करता है?
महाचतुर एआई चैटबोट व्हाट्सऐप पर उपलब्ध एक सरकारी डिजिटल असिस्टेंट है जो कौशल प्रशिक्षण, रोज़गार के अवसर, उद्यमिता सलाह, बाज़ार से जुड़ाव और शिकायत निवारण जैसी सेवाएँ एक ही मंच पर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे कैबिनेट की मंजूरी से दो दिन पहले लॉन्च किया था।
एलएसई में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पीठ से क्या होगा?
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) में स्थापित होने वाली यह स्थायी पीठ भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम पर डॉक्टरेट अध्ययन के लिए छात्रवृत्तियाँ प्रदान करेगी। यह पहल 'सामाजिक समानता और सद्भाव वर्ष' के उपलक्ष्य में की गई है।
दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति में क्या बदलाव हुआ?
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति राशि में 12 साल बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब इस छात्रवृत्ति में विश्वविद्यालय, परीक्षा बोर्ड, प्रवेश, ट्यूशन, पंजीकरण, पुस्तकालय, पत्रिकाओं और चिकित्सा जाँच से जुड़ी फीस भी शामिल होगी।
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