9 अगस्त 2026
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अभिषेक बनर्जी का केंद्रीय बलों पर आरोप: बंगाल चुनाव में 'दहशत और हिंसा' का दावा, BJP पर निशाना

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अभिषेक बनर्जी का केंद्रीय बलों पर आरोप: बंगाल चुनाव में 'दहशत और हिंसा' का दावा, BJP पर निशाना

सारांश

अभिषेक बनर्जी ने 29 अप्रैल को एक्स पर केंद्रीय बलों को 'BJP की निजी सेना' बताते हुए हावड़ा में एक बुजुर्ग मतदाता की कथित मौत का हवाला दिया। यह बयान 2026 के बंगाल चुनाव में TMC और BJP के बीच बढ़ते टकराव की नई कड़ी है, जो 2021 की शीतलकुची घटना की यादें ताज़ा करता है।

मुख्य बातें

TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने 29 अप्रैल को एक्स (X) पर केंद्रीय बलों पर बंगाल चुनाव में हिंसा व दहशत फैलाने के गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने केंद्रीय बलों को गृह मंत्री अमित शाह के अधीन ' BJP की निजी सेना ' करार दिया।
हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग मतदाता की कथित धक्का-मुक्की के बाद आमता अस्पताल में मौत का आरोप लगाया गया; स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
बनर्जी ने इसे 2021 की शीतलकुची मानसिकता से जोड़ा और 2026 में BJP को भारी राजनीतिक कीमत चुकाने की चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि कथित बर्बरता में शामिल जवानों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन तैनात केंद्रीय बल 'BJP की निजी सेना' की तरह कार्य कर रहे हैं और मतदाताओं में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर लगाए आरोप

बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कथित तौर पर कहा कि केंद्रीय बलों को 'लाइसेंसशुदा गुंडों का गिरोह' बनाकर बंगाल की जनता पर छोड़ दिया गया है। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है और मतदाताओं में दहशत फैलाई जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ मारपीट, बुजुर्गों पर हमले और यहाँ तक कि बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएँ सामने आई हैं।

हावड़ा में बुजुर्ग की मौत का आरोप

बनर्जी ने एक कथित घटना का विवरण देते हुए बताया कि हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने बेटे के साथ मतदान करने पहुँचे थे। बुजुर्ग की शारीरिक स्थिति कमजोर थी और वे बिना सहारे चलने में असमर्थ थे। उनके अनुसार, जब बेटा उन्हें बूथ तक ले जाने का प्रयास कर रहा था, तो केंद्रीय बलों ने दोनों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की, जिसमें बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़े। बनर्जी के दावे के अनुसार, उन्हें तत्काल आमता अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

शीतलकुची का संदर्भ और राजनीतिक चेतावनी

तृणमूल नेता ने इस कथित स्थिति की तुलना 2021 की 'शीतलकुची मानसिकता' से करते हुए कहा कि उस समय भी निहत्थे नागरिकों के विरुद्ध हिंसा की घटनाएँ सामने आई थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि 2021 की घटनाओं की राजनीतिक कीमत BJP को चुकानी पड़ी थी और 2026 में यह कीमत और अधिक भारी हो सकती है। गौरतलब है कि शीतलकुची, कूचबिहार जिले में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

बनर्जी ने केंद्रीय बलों के जवानों को भी सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून से ऊपर नहीं हैं। उनके अनुसार, इस तरह की कथित बर्बरता में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की शिकायतें लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही हैं।

आगे की राजनीतिक स्थिति

बनर्जी ने अंत में कहा कि बंगाल की जनता इस तरह की दहशत और दबाव की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और राज्य के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करेगी। यह देखना होगा कि BJP और केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं और चुनाव आयोग (ECI) इस मामले में क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैला। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में चुनावी हिंसा की शिकायतें दोनों पक्षों से आती रही हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना एक स्थापित चुनावी रणनीति बन चुकी है। 2021 की शीतलकुची घटना का संदर्भ TMC के लिए भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन केंद्रीय बलों की भूमिका पर एकतरफा आरोप बिना साक्ष्य के पूरी तस्वीर नहीं देते। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया और चुनाव आयोग के रुख को नज़रअंदाज़ कर देती है, जो इस विवाद को समझने के लिए उतने ही ज़रूरी हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय बलों पर क्या आरोप लगाए हैं?
TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने 29 अप्रैल को दावा किया कि बंगाल चुनाव के दौरान केंद्रीय बल 'BJP की निजी सेना' की तरह काम कर रहे हैं और मतदाताओं में दहशत फैला रहे हैं। उन्होंने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया।
हावड़ा में बुजुर्ग मतदाता की मौत का मामला क्या है?
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग मतदाता को बूथ तक ले जाने के दौरान केंद्रीय बलों ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की की, जिससे वे गिर पड़े और आमता अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
शीतलकुची मानसिकता से बनर्जी का क्या आशय है?
शीतलकुची, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना को संदर्भित करता है, जिसमें कुछ लोगों की मौत हुई थी। बनर्जी ने 2026 की कथित घटनाओं की तुलना उसी 'मानसिकता' से करते हुए BJP पर निशाना साधा।
बनर्जी ने केंद्रीय बल के जवानों को क्या चेतावनी दी?
बनर्जी ने कहा कि कथित बर्बरता में शामिल प्रत्येक जवान की पहचान की जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बल के जवान भी कानून से ऊपर नहीं हैं।
इन आरोपों का बंगाल चुनाव 2026 पर क्या असर हो सकता है?
बनर्जी ने चेतावनी दी कि जैसे 2021 की घटनाओं की राजनीतिक कीमत BJP को चुकानी पड़ी थी, 2026 में यह कीमत और अधिक भारी हो सकती है। यह बयान TMC की चुनावी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जो केंद्रीय बलों की तैनाती को BJP के पक्ष में बताती है।
राष्ट्र प्रेस
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