अभिषेक बनर्जी का केंद्रीय बलों पर आरोप: बंगाल चुनाव में 'दहशत और हिंसा' का दावा, BJP पर निशाना
सारांश
Key Takeaways
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन तैनात केंद्रीय बल 'BJP की निजी सेना' की तरह कार्य कर रहे हैं और मतदाताओं में भय का माहौल पैदा किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर लगाए आरोप
बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कथित तौर पर कहा कि केंद्रीय बलों को 'लाइसेंसशुदा गुंडों का गिरोह' बनाकर बंगाल की जनता पर छोड़ दिया गया है। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है और मतदाताओं में दहशत फैलाई जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ मारपीट, बुजुर्गों पर हमले और यहाँ तक कि बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार की घटनाएँ सामने आई हैं।
हावड़ा में बुजुर्ग की मौत का आरोप
बनर्जी ने एक कथित घटना का विवरण देते हुए बताया कि हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने बेटे के साथ मतदान करने पहुँचे थे। बुजुर्ग की शारीरिक स्थिति कमजोर थी और वे बिना सहारे चलने में असमर्थ थे। उनके अनुसार, जब बेटा उन्हें बूथ तक ले जाने का प्रयास कर रहा था, तो केंद्रीय बलों ने दोनों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की, जिसमें बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़े। बनर्जी के दावे के अनुसार, उन्हें तत्काल आमता अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
शीतलकुची का संदर्भ और राजनीतिक चेतावनी
तृणमूल नेता ने इस कथित स्थिति की तुलना 2021 की 'शीतलकुची मानसिकता' से करते हुए कहा कि उस समय भी निहत्थे नागरिकों के विरुद्ध हिंसा की घटनाएँ सामने आई थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि 2021 की घटनाओं की राजनीतिक कीमत BJP को चुकानी पड़ी थी और 2026 में यह कीमत और अधिक भारी हो सकती है। गौरतलब है कि शीतलकुची, कूचबिहार जिले में 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
बनर्जी ने केंद्रीय बलों के जवानों को भी सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानून से ऊपर नहीं हैं। उनके अनुसार, इस तरह की कथित बर्बरता में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जाएगी और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की शिकायतें लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही हैं।
आगे की राजनीतिक स्थिति
बनर्जी ने अंत में कहा कि बंगाल की जनता इस तरह की दहशत और दबाव की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और राज्य के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करेगी। यह देखना होगा कि BJP और केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हैं और चुनाव आयोग (ECI) इस मामले में क्या कदम उठाता है।