12 जुलाई 2026
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कांग्रेस की गुटबाजी चुनावी हार की जड़ : डॉ. उदित राज ने उत्तराखंड-पंजाब का दिया हवाला

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कांग्रेस की गुटबाजी चुनावी हार की जड़ : डॉ. उदित राज ने उत्तराखंड-पंजाब का दिया हवाला

सारांश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. उदित राज ने खुलकर कहा — गुटबाजी ने उत्तराखंड और पंजाब में 'सजी हुई थाली' जैसी सत्ता छीन ली। अब पंजाब के नेताओं को एकजुट होना होगा, वरना न पार्टी को कुछ मिलेगा, न जनता को राहत।

मुख्य बातें

उदित राज ने 12 जुलाई को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी को चुनावी हार की प्रमुख वजह बताया।
उत्तराखंड में सत्ता के करीब होने के बावजूद कांग्रेस गुटबाजी के कारण हार गई — उदित राज।
पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष सहित कुछ नेताओं ने अपनी ही सरकार के निर्णयों का विरोध किया।
उदित राज ने एक्स पर पोस्ट कर पंजाब के नेताओं-कार्यकर्ताओं से टीमवर्क की अपील की।
राहुल गांधी के त्याग और संविधान बचाने के संघर्ष को सामने रखकर गुटबाजी छोड़ने का आह्वान किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने 12 जुलाई को पार्टी के भीतर गहरी जड़ें जमा चुकी गुटबाजी पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंतरिक खींचतान के कारण कांग्रेस कई राज्यों में सत्ता के करीब पहुँचकर भी हाथ मलती रह गई, और यदि यह सिलसिला नहीं थमा तो पंजाब में भी पार्टी का भविष्य दांव पर लग सकता है।

उत्तराखंड और पंजाब — दो चेतावनियाँ, एक सबक

डॉ. उदित राज ने कहा कि उत्तराखंड में सरकार बनाना कांग्रेस के लिए 'सजी हुई थाली' जैसा था, फिर भी पार्टी हार गई — और इसकी एकमात्र वजह आपसी गुटबाजी थी। उन्होंने पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया, जहाँ तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सहित कुछ नेताओं ने अपनी ही सरकार के निर्णयों का विरोध किया और परिणामस्वरूप पार्टी सत्ता से बाहर हो गई।

'इस गुटबाजी से न सिर्फ पार्टी को नुकसान हो रहा है, बल्कि पूरे देश को भी नुकसान पहुँच रहा है,' — उन्होंने कहा। उनके अनुसार लगातार चुनावी पराजय और संगठन का कमज़ोर होना इसी आंतरिक कलह का प्रत्यक्ष परिणाम है।

पंजाब में टीमवर्क की तत्काल ज़रूरत

डॉ. उदित राज ने पंजाब को लेकर विशेष चिंता जताई। उनका कहना था कि पंजाब में जनता भयंकर समस्याओं से जूझ रही है और ऐसे में यदि नेता गुटबाजी में उलझे रहे, तो न पार्टी को कुछ मिलेगा और न जनता को राहत। उन्होंने तर्क दिया — 'जब कुछ मिलेगा तभी बंटेगा, तभी तो फायदे में रहेंगे, मंत्री और मुख्यमंत्री बनेंगे। इसलिए गुटबाजी छोड़कर एकजुट होकर काम करने का समय है।'

एक्स पर पोस्ट में साधा निशाना

इससे पहले डॉ. उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि 'कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी न केवल चुनाव हारने का एक बड़ा कारण है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर पार्टी के कमज़ोर होने की भी प्रमुख वजह है।' उन्होंने पंजाब के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उत्तराखंड से सीख लेने की नसीहत दी।

पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि यदि संविधान बचाने के संघर्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के त्याग व समर्पण को सामने रखकर देखा जाए, तो गुटबाजी से बचना अनिवार्य हो जाता है। उनका सुझाव था कि संगठन में कोई भी मतभेद हो तो उसे पार्टी के उचित मंच पर उठाया जाए, न कि सार्वजनिक खींचतान में बदला जाए।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) कई राज्यों में अपनी संगठनात्मक स्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि उत्तराखंड और पंजाब दोनों ही वे राज्य रहे हैं जहाँ पार्टी के पास जीत के पर्याप्त अवसर थे, लेकिन आंतरिक असंतोष ने नतीजे पलट दिए। डॉ. उदित राज का यह बयान पार्टी नेतृत्व के लिए एक खुली चुनौती की तरह है।

आने वाले समय में पंजाब में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की एकजुटता ही तय करेगी कि कांग्रेस इस चेतावनी से सबक लेती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक ऐसे वरिष्ठ नेता की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है जो पार्टी की संरचनागत कमज़ोरी को उजागर करती है। उत्तराखंड और पंजाब दोनों में 'जीती हुई बाज़ी हारने' का पैटर्न बताता है कि समस्या किसी एक नेता की नहीं, बल्कि पार्टी की आंतरिक जवाबदेही के अभाव की है। विडंबना यह है कि जो पार्टी संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का नारा देती है, वह अपने भीतर असहमति को संस्थागत मंच देने में विफल रही है। पंजाब में अगले चुनाव से पहले यदि नेतृत्व ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह इतिहास फिर दोहराया जा सकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. उदित राज ने कांग्रेस की गुटबाजी पर क्या कहा?
डॉ. उदित राज ने कहा कि कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी चुनावी हार का सबसे बड़ा कारण है और इससे पार्टी संगठनात्मक रूप से भी कमज़ोर हो रही है। उन्होंने उत्तराखंड और पंजाब के उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों राज्यों में सत्ता हाथ से निकल गई।
उत्तराखंड में कांग्रेस क्यों हारी — उदित राज का क्या कहना है?
उदित राज के अनुसार उत्तराखंड में सरकार बनाना 'सजी हुई थाली' जैसा था, लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान के कारण पार्टी हार गई। उन्होंने इसे गुटबाजी का सीधा परिणाम बताया।
पंजाब में कांग्रेस के लिए उदित राज की क्या सलाह है?
उदित राज ने पंजाब के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से टीमवर्क के साथ काम करने की अपील की है। उनका कहना है कि पंजाब में जनता गंभीर समस्याओं से जूझ रही है और गुटबाजी जारी रही तो न पार्टी को सत्ता मिलेगी, न जनता को राहत।
उदित राज ने एक्स पर क्या लिखा?
उदित राज ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गुटबाजी कांग्रेस के कमज़ोर होने की प्रमुख वजह है और पंजाब के नेताओं को उत्तराखंड से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में मतभेद हों तो उन्हें उचित मंच पर उठाया जाए।
क्या कांग्रेस में गुटबाजी की समस्या नई है?
नहीं, उदित राज के बयान से स्पष्ट है कि यह समस्या उत्तराखंड और पंजाब दोनों में पहले भी सामने आ चुकी है। पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष स्तर तक गुटबाजी देखी गई थी, जिसने पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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