11 जुलाई 2026
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पंजाब कांग्रेस विवाद पर कृष्ण कुमार बाबा बोले — हाईकमान का फैसला सर्वोपरि, चन्नी-वडिंग मिलकर करें काम

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पंजाब कांग्रेस विवाद पर कृष्ण कुमार बाबा बोले — हाईकमान का फैसला सर्वोपरि, चन्नी-वडिंग मिलकर करें काम

सारांश

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व की अटकलों के बीच वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार बाबा ने साफ संदेश दिया — हाईकमान का फैसला सर्वोपरि है, चन्नी और वडिंग को 'दो बैलों की जोड़ी' की तरह मिलकर काम करना चाहिए। गुटबाजी की चर्चा को उन्होंने मीडिया की उपज बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार बाबा ने 10 जुलाई को लुधियाना में कहा कि हाईकमान का हर निर्णय सभी को बिना सवाल स्वीकार करना चाहिए।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को तीन महीने की प्रक्रिया के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था — बाबा ने उस फैसले पर सवाल उठाने को अनुचित बताया।
बाबा ने चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग से 'दो बैलों की जोड़ी' की तरह एकजुट होकर काम करने की अपील की।
भूपेश बघेल के पंजाब दौरे को बाबा ने सभी नेताओं की राय सुनने की प्रक्रिया बताया; किसी बदलाव का फैसला हाईकमान करेगा।
पंजाब में कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बाबा ने मोगा में बम धमाके जैसी घटनाओं का उल्लेख किया और AAP सरकार पर सवाल उठाए।
पार्टी में गुटबाजी की चर्चा को बाबा ने मीडिया द्वारा निर्मित धारणा बताया; राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को पार्टी का एकमात्र नेतृत्व बताया।

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व चेयरमैन कृष्ण कुमार बाबा ने 10 जुलाई को लुधियाना में मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी में अंतिम अधिकार हाईकमान का है और हर निर्णय को बिना सवाल उठाए स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से प्रतिस्पर्धा छोड़कर एकजुट होकर पार्टी को मज़बूत करने की अपील की।

हाईकमान का फैसला — चुनौती नहीं, स्वीकृति

कृष्ण कुमार बाबा ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस कमेटी ने करीब तीन महीने की लंबी प्रक्रिया और सभी वरिष्ठ नेताओं से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि ऐसे में बार-बार उसी फैसले पर सार्वजनिक सवाल उठाना न तो उचित है, न पार्टी हित में। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल सभी नेताओं की बात सुनने आए हैं और यदि किसी बदलाव की आवश्यकता होगी तो वह निर्णय भी हाईकमान ही करेगा — किसी स्थानीय नेता को इसमें दखल देने की ज़रूरत नहीं।

चन्नी बनाम वडिंग — टकराव नहीं, साझेदारी की अपील

दोनों नेताओं के बीच कथित मतभेदों को खारिज करते हुए बाबा ने कहा कि यह 'चन्नी बनाम राजा' का सवाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए सभी राजा हैं और सभी चन्नी हैं। दोनों नेताओं को कांग्रेस के पुराने चुनाव चिह्न 'दो बैलों की जोड़ी' की तरह मिलकर काम करना चाहिए।' बाबा ने दोनों से अपील की कि वे भाईचारे के साथ मिलकर राहुल गांधी की झोली में पंजाब सौंपें। उनके अनुसार, यदि सभी नेता राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं तो किसी भी विवाद की गुंजाइश नहीं बचती।

गुटबाजी की चर्चा — मीडिया की उपज बताया

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर बाबा ने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा, 'गुटबंदी तब होती है जब पार्टी कई हिस्सों में बंट जाए। कांग्रेस में ऐसा कुछ नहीं है। हमारे नेता राहुल गांधी हैं और मल्लिकार्जुन खड़गे हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चन्नी स्वयं यह कह चुके हैं कि वे राहुल गांधी के साथ हैं और उनके हर फैसले को मानेंगे। बाबा ने इस पूरी चर्चा को मीडिया द्वारा निर्मित धारणा करार दिया।

पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

कृष्ण कुमार बाबा ने पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और मोगा में बम धमाके जैसी घटनाएं इसका प्रमाण हैं। उनके अनुसार किसी भी सरकार का पहला संवैधानिक दायित्व नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा करना है, जिसमें मौजूदा सरकार विफल दिख रही है। उन्होंने महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के चुनावी वादों को भी अधूरा बताया और कहा कि जनता को भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।

कांग्रेस की विरासत और आगे की राह

बाबा ने कांग्रेस सरकारों के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि खेती-बाड़ी विश्वविद्यालय, भाखड़ा डैम, पीजीआई और एम्स जैसी संस्थाएं कांग्रेस की देन हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को वर्तमान संकट से उबारने के लिए गंभीर और जिम्मेदार नेतृत्व की आवश्यकता है और केंद्र व राज्य दोनों सरकारों को राज्य के हित में मिलकर काम करना चाहिए। आने वाले समय में पंजाब कांग्रेस की एकता और हाईकमान के अगले निर्देश ही यह तय करेंगे कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी किस दिशा में करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2022 की हार के बाद पार्टी को जो संगठनात्मक पुनर्निर्माण चाहिए, उसका कोई ठोस खाका इस बयान में नज़र नहीं आता। 2027 के विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और AAP के खिलाफ विपक्षी एकता बनाने की ज़िम्मेदारी कांग्रेस पर है — ऐसे में आंतरिक विवादों की यह सार्वजनिक चर्चा पार्टी की कमज़ोरी को ही उजागर करती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण कुमार बाबा ने पंजाब कांग्रेस विवाद पर क्या कहा?
कृष्ण कुमार बाबा ने 10 जुलाई को लुधियाना में कहा कि पार्टी में अंतिम निर्णय हाईकमान का होता है और सभी नेताओं को उसे बिना सवाल स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने चन्नी और राजा वडिंग से एकजुट होकर काम करने की अपील की।
भूपेश बघेल का पंजाब दौरा किस मकसद से हुआ?
बाबा के अनुसार भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस के सभी नेताओं की राय सुनने आए थे। यदि किसी नेतृत्व बदलाव की बात होती है तो वह निर्णय कांग्रेस हाईकमान करेगा, किसी स्थानीय नेता को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है।
क्या पंजाब कांग्रेस में सच में गुटबाजी है?
कृष्ण कुमार बाबा ने गुटबाजी की बात को सिरे से नकारते हुए इसे मीडिया द्वारा बनाई गई धारणा बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी एकजुट है और चन्नी भी राहुल गांधी के हर फैसले को मानने की बात कह चुके हैं।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष कैसे बनाया गया था?
बाबा के अनुसार राजा वडिंग को करीब तीन महीने की लंबी प्रक्रिया और सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद पंजाब कांग्रेस कमेटी ने यह जिम्मेदारी सौंपी थी। बाबा ने कहा कि इस फैसले पर बार-बार सवाल उठाना उचित नहीं है।
पंजाब की कानून-व्यवस्था पर बाबा ने क्या कहा?
बाबा ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और मोगा में बम धमाके जैसी घटनाएं इसका प्रमाण हैं। उन्होंने AAP सरकार पर महिलाओं से किए गए आर्थिक सहायता के वादों को पूरी तरह लागू न करने का भी आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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