पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं, चन्नी की बैठक पर वड़िंग का बचाव — CM पद की दौड़ से भी किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 5 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पार्टी की राज्य इकाई में किसी भी प्रकार की गुटबाजी से साफ इनकार किया। उन्होंने वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा अपने आवास पर आयोजित पार्टी बैठक को पूरी तरह स्वाभाविक बताया और कहा कि इसमें कोई भी विवादास्पद तत्व नहीं था।
चन्नी की बैठक पर वड़िंग का स्पष्टीकरण
वड़िंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ पार्टी की प्रचार समिति के अध्यक्ष भी हैं। उनके अनुसार, एक वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी द्वारा नेताओं की बैठक बुलाना न केवल स्वाभाविक है, बल्कि पार्टी संगठन की सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक में उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं ने केवल पार्टी के हित में बात की।
गौरतलब है कि चन्नी की इस बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की अटकलें तेज हो गई थीं, जिन्हें वड़िंग ने सिरे से खारिज किया।
CM पद की दौड़ से किनारा
जब वड़िंग से पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस दौड़ में नहीं हैं। चन्नी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनका नहीं, बल्कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित हाई कमान का अधिकार है।
पार्टी को सत्ता में वापस लाना एकमात्र लक्ष्य
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष ने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को पंजाब में सत्ता में वापस लाना है, क्योंकि उनके अनुसार राज्य की जनता पार्टी की वापसी चाहती है। उन्होंने कहा, 'पार्टी हाई कमान ने मुझे जो भी भूमिका सौंपी है, मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से उसका निर्वाह किया है।'
वड़िंग ने खुद को एक 'निष्ठावान और समर्पित पार्टी सिपाही' बताते हुए कहा कि वे इसी भावना के साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने जोर दिया, 'हम वही हैं जो हमारी पार्टी ने हमें बनाया है — पार्टी सर्वोपरि है।'
एकता का भरोसा
गुटबाजी की अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए वड़िंग ने कहा कि बहुत जल्द सभी वरिष्ठ नेता एक साथ मंच साझा करते नजर आएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पार्टी की एकता और नेतृत्व का सवाल आने वाले महीनों में और अधिक प्रासंगिक होता जाएगा।