7 जुलाई 2026
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पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के दावे खारिज: राजा वड़िंग बोले — 'पार्टी एकजुट', भूपेश बघेल पाँच दिन के दौरे पर

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पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के दावे खारिज: राजा वड़िंग बोले — 'पार्टी एकजुट', भूपेश बघेल पाँच दिन के दौरे पर

सारांश

पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी की अटकलों के बीच प्रभारी भूपेश बघेल पाँच दिवसीय संगठनात्मक दौरे पर चंडीगढ़ पहुँचे। प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने दावों को खारिज करते हुए AAP के 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने का हवाला दिया — और कहा, कांग्रेस का एक भी जिला अध्यक्ष नहीं गया।

मुख्य बातें

भूपेश बघेल 6 जुलाई को चंडीगढ़ पहुँचे और अगले पाँच दिनों तक पंजाब में संगठनात्मक समीक्षा करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने पार्टी में गुटबाजी और बगावत के सभी दावों को सिरे से खारिज किया।
मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक, उसके बाद PCC की बैठक आयोजित होगी।
वड़िंग ने AAP के 6 सांसदों के पार्टी छोड़ने का हवाला देते हुए कांग्रेस की एकजुटता का दावा किया।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात पर बघेल ने टिप्पणी से परहेज किया।

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल 6 जुलाई, रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पार्टी कार्यालय पहुँचे और घोषणा की कि वे अगले पाँच दिनों तक पंजाब में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों की गहन समीक्षा करेंगे। इसी अवसर पर पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी में कथित गुटबाजी और बगावत की अटकलों को सिरे से नकारते हुए कहा कि कांग्रेस को जानबूझकर विभाजित दिखाने की कोशिश की जा रही है।

बघेल का दौरा: उद्देश्य और कार्यक्रम

बघेल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस दौरे में वे पार्टी के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार बैठकें करेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर चर्चा और फीडबैक लेने के बाद ही संगठन की वास्तविक स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। उनके अनुसार यह दौरा पार्टी को मज़बूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चन्नी-राहुल मुलाकात पर बघेल की चुप्पी

कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के राहुल गांधी से मुलाकात के लिए दिल्ली जाने संबंधी सवाल पर बघेल ने टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि जब तक इस संबंध में सही और आधिकारिक जानकारी नहीं मिल जाती, अधूरी सूचना के आधार पर कोई बयान देना उचित नहीं होगा।

वड़िंग का पलटवार: गुटबाजी के दावे बेबुनियाद

राजा वड़िंग ने विपक्ष और मीडिया पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को जानबूझकर बंटी हुई पार्टी के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर नेताओं का एकत्र होना, कुछ नेताओं का अलग बैठक करना और आपसी सहमति से चर्चा करना ही 'गुटबाजी' माना जाए, तो यह केवल एक धारणा बनाने का प्रयास है। वड़िंग ने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी कोई गतिविधि नहीं है जिसे फूट या बगावत की संज्ञा दी जा सके।

AAP से तुलना और संगठनात्मक एकता का दावा

वड़िंग ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में वास्तविक बंटवारा तब माना जाता है जब उसके नेता या जनप्रतिनिधि पार्टी छोड़कर चले जाएँ। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के छह सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं, जबकि कांग्रेस का एक भी जिला अध्यक्ष या प्रमुख पदाधिकारी पार्टी से अलग नहीं हुआ है। उनके अनुसार पंजाब कांग्रेस पूरी तरह संगठित है और सभी नेता मिलकर AAP के विरुद्ध प्रभावी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।

आगामी बैठकें और रणनीति

वड़िंग ने बताया कि मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की बैठक भी आयोजित होगी। इन बैठकों में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के लिए ज़रूरी निर्णय लिए जाएँगे। यह ऐसे समय में हो रहा है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपनी ज़मीनी पकड़ मज़बूत करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आंतरिक असंतोष की संभावना को पूरी तरह नहीं नकारता। असली परीक्षा मंगलवार की PCC बैठक में होगी — जब संगठन के भीतर की दरारें, यदि कोई हैं, सार्वजनिक होने से रोकना मुश्किल होगा। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए एकजुटता दिखाना ज़रूरी है, लेकिन दिखावटी एकता और वास्तविक संगठनात्मक ताकत में फर्क मतदाता भलीभाँति समझते हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेश बघेल का पंजाब दौरा किस उद्देश्य से है?
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल 6 जुलाई से अगले पाँच दिनों तक पंजाब में रहकर पार्टी पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करना है।
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के दावे क्यों उठ रहे हैं?
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर नेताओं के एकत्र होने और कुछ नेताओं की अलग बैठकों को गुटबाजी के संकेत के रूप में देखा जा रहा था। हालाँकि प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने इसे महज धारणा बनाने का प्रयास बताते हुए खारिज किया है।
राजा वड़िंग ने गुटबाजी के दावों को कैसे खारिज किया?
वड़िंग ने तर्क दिया कि वास्तविक बंटवारा तब होता है जब नेता पार्टी छोड़ें — और इस संदर्भ में उन्होंने AAP के छह सांसदों के पार्टी छोड़ने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक भी जिला अध्यक्ष या प्रमुख पदाधिकारी पार्टी से अलग नहीं हुआ है।
पंजाब कांग्रेस की आगामी बैठकें कब होंगी?
मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) की बैठक भी होगी। इन बैठकों में संगठन को सक्रिय बनाने और भविष्य की रणनीति पर निर्णय लिए जाएँगे।
चरणजीत सिंह चन्नी की राहुल गांधी से मुलाकात पर बघेल ने क्या कहा?
भूपेश बघेल ने इस विषय पर टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि जब तक आधिकारिक और सही जानकारी नहीं मिलती, अधूरी सूचना के आधार पर कोई बयान देना उचित नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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