सुखपाल सिंह खैरा की महिलाओं पर अनुचित टिप्पणी पर पंजाब महिला आयोग का सख्त कदम
सारांश
Key Takeaways
- सुखपाल सिंह खैरा ने महिलाओं पर अनुचित टिप्पणी की।
- पंजाब महिला आयोग ने त्वरित कार्रवाई की है।
- नोटिस 'पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001' के तहत जारी किया गया।
- आयोग ने एसएसपी को जांच करने का आदेश दिया है।
- महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन गंभीर मामला है।
चंडीगढ़, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जोरों से प्रसारित हो रहा है, जिसमें कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने महिलाओं के प्रति अनुचित टिप्पणी की है। इस वीडियो को देखने के बाद पंजाब महिला आयोग ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया है।
पंजाब महिला आयोग ने 'पंजाब राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2001' की धारा 12 के अंतर्गत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए नोटिस जारी किया है।
आयोग ने कपूरथला एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच तत्काल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस स्तर के अधिकारी से करवाई जाए, ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो और जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सही ढंग से हो सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुखपाल सिंह खैरा और कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बारे में स्टेट्स रिपोर्ट 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के कार्यालय में पेश की जाए, जिसमें बताया जाए कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
इस मामले में वायरल वीडियो और उसके स्क्रीनशॉट भी आयोग द्वारा भेजे गए हैं और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एसएसपी के माध्यम से तुरंत कार्रवाई की जाए। आयोग ने कहा है कि यह केवल एक मामूली मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन से जुड़ा एक गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को तेजी से और सही तरीके से पूरा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि पंजाब महिला आयोग अपने अधिकारों का उपयोग महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए करता है। आयोग ऐसे मामलों को बहुत गंभीरता से लेता है और यह सुनिश्चित करता है कि पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्थिति को कोई खतरा न पहुंचे। इसलिए सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अनुचित टिप्पणी वाले वीडियो पर आयोग ने तुरंत कार्रवाई की है।