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महिला आरक्षण बिल: अशोक गहलोत ने केंद्र की योजना पर उठाए गंभीर सवाल

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महिला आरक्षण बिल: अशोक गहलोत ने केंद्र की योजना पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार के महिला आरक्षण कानून के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे चुनावों के समय पेश करने पर सवाल उठाए और आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक न बुलाने के लिए भी उन्होंने केंद्र की निंदा की।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल पर अशोक गहलोत की चिंताएं चुनावों के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन?
सर्वदलीय बैठक का महत्व महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम केंद्र सरकार की एकतरफा नीति पर सवाल

जयपुर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को केंद्र सरकार के प्रस्तावित महिला आरक्षण कानून को लेकर उसके दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। उन्होंने इस बिल को पेश करने के समय और प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता प्रकट की।

गहलोत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने यूएपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल को पारित करने के लिए पहल की थी।

हालांकि, उन्होंने एनडीए सरकार द्वारा आरक्षण के नाम पर 131वां संविधान संशोधन विधेयक की तैयारी को लेकर चिंता जताई।

इस पर गहलोत ने सवाल उठाया कि क्या चुनावों के बीच इस तरह का महत्वपूर्ण कदम उठाना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर किस आपात स्थिति के कारण चुनावों के दौरान इतनी जल्दबाजी की जा रही है? क्या यह आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है?

उन्होंने आगे कहा कि जब नई जनगणना का काम चल रहा है, ऐसे में 2011 के पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करना लोकतंत्र और नए मतदाताओं के साथ अन्याय होगा।

गहलोत ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम से उत्तरी और दक्षिणी राज्यों के बीच एक अनावश्यक खाई पैदा होने का खतरा है। कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक न बुलाने के लिए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के साथ अलग-अलग परामर्श करने से सहकारी संघवाद की भावना कमजोर होती है। उन्होंने राज्यों सहित सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लिए बिना इतना महत्वपूर्ण निर्णय लेना अनुचित बताया।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत एकतरफा निर्णय लेना और विपक्ष की आवाजों को नजरअंदाज करना एक चलन बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में भी चर्चा का विषय है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का प्रावधान करना है।
अशोक गहलोत ने क्या चिंता व्यक्त की?
गहलोत ने बिल के जल्दबाजी में पेश करने और चुनावों के बीच इसे लाने पर सवाल उठाए।
क्या यह आचार संहिता का उल्लंघन है?
गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान ऐसे कदम उठाना आचार संहिता का उल्लंघन कर सकता है।
सर्वदलीय बैठक क्यों जरूरी है?
सर्वदलीय बैठक सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाकर विचार-विमर्श के लिए आवश्यक है।
महिला आरक्षण का समर्थन किसने किया?
कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है, जिसमें सोनिया गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
राष्ट्र प्रेस
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