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महिला आरक्षण विधेयक पर सपा और सरकार के बीच तीखी बहस, ओम बिरला का हस्तक्षेप

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महिला आरक्षण विधेयक पर सपा और सरकार के बीच तीखी बहस, ओम बिरला का हस्तक्षेप

सारांश

नई दिल्ली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और गृह मंत्री अमित शाह के बीच महिला आरक्षण बिल पर गरमागरम बहस हुई। ओम बिरला को इस विवाद में हस्तक्षेप करना पड़ा। जानिए क्या है विवाद के पीछे का सच।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक पर बहस हुई।
अखिलेश यादव ने सरकार पर आरोप लगाए।
अमित शाह ने जवाब दिया कि जनगणना हो रही है।
ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया।
आरक्षण पर धर्म के आधार पर बात की गई।

नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में गुरुवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच महिला आरक्षण विधेयक को लेकर तबीयत से बहस हुई। अखिलेश यादव ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाए, जिस पर अमित शाह ने कड़ा जवाबओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा।

अखिलेश यादव ने प्रश्न उठाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लेकर इतनी जल्दी क्यों कर रही है? उन्होंने सुझाव दिया कि पहले जनगणना की प्रक्रिया को पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का सैद्धांतिक समर्थन करती है, लेकिन परिसीमन के माध्यम से इसे लागू करने का विरोध करती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनगणना में देरी कर रही है, जिससे जातिगत जनगणना और आरक्षण की मांगें उठने न पाएं। अखिलेश यादव ने कहा कि जब जनगणना होगी, तो वे जाति-आधारित जनगणना की मांग करेंगे, और सरकार ऐसा नहीं चाहती।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जनगणना का कार्य पहले से ही चल रहा है और उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि जाति आधारित जनगणना भी कराई जाएगी।

अमित शाह ने कहा कि वर्तमान में हाउस लिस्टिंग (घरों की गिनती) चल रही है और सभी घर किसी विशेष जाति से नहीं होते। यदि समाजवादी पार्टी का तरीका अपनाया जाए, तो वे घरों को भी जाति दे देंगे। मैंने सदन को आश्वासन देना चाहता हूं कि जनगणना होगी और इसके साथ जातिगत जनगणना भी होगी।

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन तब तक नहीं करेगी, जब तक इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम महिलाओं के लिए प्रावधान शामिल नहीं किए जाते।

इस पर अमित शाह ने कहा कि संविधान के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों के लिए कोई भी आरक्षण असंवैधानिक है।

इसके जवाब में, अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या मुस्लिम आबादी आरक्षण की सीमा से बाहर आती है और इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख मांग किया।

अमित शाह ने कहा कि हम समाजवादी पार्टी को मुस्लिम महिलाओं को अपनी सभी टिकटें देने से रोक नहीं रहे हैं। यह बहस तब और तेज हो गई, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए सदस्यों से आग्रह किया कि वे ऐसी सीधी बहस में न उलझें और कार्यवाही के दौरान मर्यादा बनाए रखें.

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह विधेयक संघवाद के खिलाफ है और कम आबादी वाले राज्यों से उनका अधिकार छीनता है। उन्होंने कहा कि परिसीमन पर लगी रोक को हटाकर सरकार कम आबादी वाले राज्यों को उनके वाजिब हिस्से से दूर कर रही है। उन्होंने नोटिस नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए और कहा कि विधेयक पेश करने के लिए सात दिन पहले नोटिस देना चाहिए।

राष्ट्र प्रेस

एसडी/वीसी

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि हमें इस विषय पर एक स्पष्ट दृष्टिकोण मिल सके।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर जनगणना में देरी कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री का क्या कहना था?
अमित शाह ने आश्वासन दिया कि जनगणना का कार्य पहले से चल रहा है और जाति आधारित जनगणना भी होगी।
क्या मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण मिलेगा?
अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है।
ओम बिरला का हस्तक्षेप क्यों हुआ?
ओम बिरला ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे ऐसी सीधी बहस में न उलझें और मर्यादा बनाए रखें।
राष्ट्र प्रेस
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