महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का कड़ा पलटवार, भाजपा की जल्दबाजी का किया खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
लखनऊ, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा को निशाना बनाते हुए इसे एक राजनीतिक चाल और पीडीए के अधिकारों पर साजिश करार दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा जनगणना से बचने और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के अधिकारों को कमज़ोर करने के लिए जल्दबाजी में यह कदम उठा रही है।
अखिलेश यादव ने यह भी बताया कि महिला आरक्षण के नाम पर की जा रही यह कोशिश इस बात का संकेत है कि भाजपा सत्ता से बाहर होने की कगार पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर जनगणना को टालना चाहती है, जिससे जातिगत आंकड़े सामने आएंगे और आरक्षण की मांगें बढ़ेंगी, जिसे भाजपा और उसके सहयोगी कभी भी लागू नहीं करना चाहते।
अखिलेश ने चुनौती दी कि यदि महिला आरक्षण बिल सच में महिलाओं के हित में है, तो इसे मेरठ और नोएडा की कामकाजी और पारिवारिक महिलाओं के बीच जाकर घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि सपा महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन भाजपाई चालबाजी के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है और जनगणना आधारित परिसीमन से बचने की कोशिश की जा रही है, जिससे उनके अधिकार प्रभावित होंगे। जब तक प्रक्रिया में सुधार नहीं किया जाता, तब तक यह प्रस्ताव लोकतंत्र के खिलाफ एक गुप्त योजना की तरह है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) में ‘ए’ का अर्थ ‘आधी आबादी’ यानी महिलाएं भी हैं और यह विधेयक उसी वर्ग के अधिकारों को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की चुनावी घपलेबाजी अब उजागर हो चुकी है और ‘पीडीए प्रहरी’ की अवधारणा को देशभर में स्वीकार्यता मिल रही है।
उन्होंने कहा कि अब चुनावों में हेराफेरी की गुंजाइश कम हो गई है और वास्तविक वोट ही नतीजे तय करेंगे। महंगाई के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों, कमीशनखोरी और चंदा वसूली के कारण महिलाओं की रसोई प्रभावित हुई है। रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने हालात और खराब कर दिए हैं।