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महिला आरक्षण पर जनगणना पहले, फिर बात करें: अखिलेश यादव

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महिला आरक्षण पर जनगणना पहले, फिर बात करें: अखिलेश यादव

सारांश

अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि पहले जनगणना होनी चाहिए, तभी महिला आरक्षण पर चर्चा होनी चाहिए। यह मुद्दा संवेदनशील है और इसकी सटीकता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण का आधार जनसंख्या आंकड़े हैं।
अखिलेश यादव का कहना है कि जनगणना पहले होनी चाहिए।
सरकार पर महिलाओं की गिनती को नजरअंदाज करने का आरोप।
महिला आरक्षण का असली लाभ महिलाओं को ही मिलेगा।
सही आंकड़े के बिना आरक्षण का गौरव नहीं होता।

लखनऊ, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक के संबंध में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा, तो महिला आरक्षण का आधार ही गलत होगा।

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि हमारी प्रमुख आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए और फिर महिला आरक्षण पर चर्चा हो। जो सरकार महिलाओं की गिनती नहीं करना चाहती, वह उन्हें आरक्षण कैसे देगी?

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अगर गिनती गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा? यदि किसी कार्य को करने की सही मंशा है, तो शंका नहीं होती। असल में महिला आरक्षण विधेयक का आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार यदि कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है, तो इसका मतलब गणित का विषय है, और गणित का आधार संख्याएं होती हैं। यह कोई हवा हवाई बात नहीं है।"

उन्होंने यह भी कहा, "इसलिए हमारी सबसे बड़ी आपत्ति यही है कि पहले जनगणना कराई जाए, फिर महिला आरक्षण की बात उठाई जाए। जो सरकार महिलाओं को गिनने में रुचि नहीं रखती, वे उन्हें आरक्षण कैसे दे सकती हैं? भाजपा और उनके सहयोगी जो महिलाओं के साथ धोखा करना चाहते हैं, हम ऐसा धोखा नहीं होने देंगे। कुल मिलाकर, हमारा कहना है कि जब तक जनगणना नहीं होती, तब तक महिला आरक्षण पर बहस करना उचित नहीं है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक महिला आरक्षण पर चर्चा करना उचित नहीं है। यह विचार महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह महिलाओं की सही संख्या और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का एक तिहाई आरक्षण सुनिश्चित करना है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पहले जनगणना नहीं कराना चाहती है, जिससे महिला आरक्षण का आधार गलत होगा।
जनगणना का महत्व क्यों है?
जनगणना से सही जनसंख्या आंकड़े मिलते हैं, जो नीति निर्माण और संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण हैं।
महिला आरक्षण का लाभ किसे मिलेगा?
महिला आरक्षण का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जो संसद और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व की तलाश कर रही हैं।
क्या सरकार ने जनगणना कराई है?
अभी तक वर्तमान सरकार ने जनगणना के संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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