24 जुलाई 2026
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मणिपुर: उखरुल जिले में दो नागरिकों की हत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण, उग्रवादियों की खोज जारी

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मणिपुर: उखरुल जिले में दो नागरिकों की हत्या के बाद स्थिति तनावपूर्ण, उग्रवादियों की खोज जारी

सारांश

मणिपुर के उखरुल जिले में हाल ही में हुई दो नागरिकों की हत्या ने स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया है। सुरक्षा बल उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए तत्पर हैं। जानें इस घटनाक्रम के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

उखरुल जिले में नागरिकों की हत्या ने सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है।
सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान जारी है।
एनएससीएन-आईएम ने हत्याओं की निंदा की है।
राज्य सरकार ने जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपी है।
स्थानीय समुदायों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

इंफाल, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के उखरुल जिले में, भारतीय सेना के एक पूर्व सैनिक सहित दो नागरिकों की हत्या के अगले दिन, स्थिति लगातार दूसरे दिन भी तनावपूर्ण बनी रही। सुरक्षा बल इस जघन्य घटना में शामिल उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान में जुटे हैं।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, शनिवार को उखरुल जिले के रौदेई में आम नागरिकों के वाहनों पर हुए हमलों के संबंध में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के खिलाफ लिटान पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है। हमले के तुरंत बाद घटना स्थल पर अधिक सुरक्षा बलों को तैनात किया गया और रविवार को भी दोषियों का पता लगाने के लिए संयुक्त अभियान जारी रहा।

नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (एनएससीएन-आईएम) ने रविवार को इन हत्याओं की कड़ी निंदा की। संगठन ने इसे कुकी उग्रवादियों द्वारा किया गया एक गंभीर कृत्य बताया है। ये उग्रवादी कथित तौर पर सरकार के साथ 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (एसओओ) समझौते के तहत कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की आक्रामक कार्रवाइयां न केवल तनाव को बढ़ावा देती हैं, बल्कि मौजूदा सरकारी तंत्र की संभावित विफलता की ओर भी इशारा करती हैं। एनएससीएन-आईएम ने चेतावनी दी कि नागा लोग अपनी जमीन और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध रक्षात्मक उपायों को अपनाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

बयान में आगे कहा गया कि अब यह महज एक दावा नहीं रह गया है। कई स्थानीय रिपोर्टें और गवाहियां एसओओ समझौते के तहत भारतीय सुरक्षा बलों और कुकी सशस्त्र समूहों के बीच कथित मिलीभगत की पुष्टि करती हैं। इसका उद्देश्य नागालिम में राजनीतिक स्थिति को कमजोर करना और जातीय संघर्ष के पीछे राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है।

पुलिस के अनुसार, नागा समुदाय से संबंधित दो पीड़ितों को उखरुल जिले में इम्फाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब कुछ अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने ज़िले की ओर आ रहे वाहनों पर गोलियां चलाईं।

मृतकों की पहचान चाइनाओशांग शोक्वुंगनाओ (45) और यारूइंगम वाशुम (42) के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि इम्फाल से उखरुल जा रहे 10 से अधिक निजी और यात्री वाहनों पर पास की पहाड़ी से घात लगाकर हमला किया गया। इस हमले में तीन यात्रियों को गोली लगी, जिनमें से दो की बाद में मौत हो गई।

उखरुल जिले के लिटान इलाके में कुकी और तांगखुल नागा गुटों के बीच इस वर्ष फरवरी से ही सशस्त्र संघर्ष जारी है।

अशांति के बीच, इम्फाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) को हथियारबंद बदमाशों द्वारा अक्सर अवरुद्ध किया गया है।

इस बीच, मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने उखरुल जिले की गोलीबारी की घटना की गहन और विस्तृत जांच के लिए इसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का निर्णय लिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उखरुल जिले में क्या हुआ?
उखरुल जिले में दो नागरिकों की हत्या हुई है, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सुरक्षा बल क्या कर रहे हैं?
सुरक्षा बल उग्रवादियों की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं।
एनएससीएन-आईएम ने क्या कहा?
एनएससीएन-आईएम ने इन हत्याओं की कड़ी निंदा की है और इसे कुकी उग्रवादियों का घातक कृत्य बताया है।
क्या सरकार ने कोई कार्रवाई की है?
मुख्यमंत्री ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने की घोषणा की है।
स्थानीय समुदायों की प्रतिक्रिया क्या है?
स्थानीय समुदायों में असुरक्षा और तनाव की भावना बढ़ गई है।
राष्ट्र प्रेस
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