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महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का स्टैंड: सरकार की जल्दबाजी पर उठाए सवाल

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महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का स्टैंड: सरकार की जल्दबाजी पर उठाए सवाल

सारांश

समाजवादी पार्टी के सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। जानें उनकी चिंताएं और इस मुद्दे पर उनकी राय।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने सरकार की जल्दबाजी की आलोचना की।
सपा सांसदों का मानना है कि जनगणना और परिसीमन महत्वपूर्ण हैं।
सपा ने महिला आरक्षण के लिए सुरक्षा और सशक्तीकरण की बात की।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन अन्य विधेयकों का विरोध करती है।

महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव ने कहा, "हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जिस जल्दबाजी में इसे लाया जा रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। जनगणना होगी तो देश जातिगत जनगणना मांगेगा और जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा, लेकिन वे इन सब से बचना चाहते हैं। ये पीड़ित, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा आदि आबादी के खिलाफ लोग हैं। देश में हम आंकड़े देखें तो आरक्षण के साथ-साथ संरक्षण की भी जरूरत है। ये सशक्तीकरण नहीं है, बल्कि ये तुष्टिकरण के लिए है। हम पिछड़ों की आबादी यदि 66 प्रतिशत भी मानकर चलें तो आप 33 प्रतिशत को आरक्षण दे रहे या कि 33 प्रतिशत महिलाओं का अधिकार छीन रहे हैं? हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं लेकिन जिस तरह से परिसीमन होगा, जनगणना नहीं हो रही, 2011 के आधार पर आंकड़े तय होंगे, हम उसके विरोध में हैं।"

समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, "महिला आरक्षण बिल 2023 में जिस प्रकार से पास हुआ था, हम उसे वैसे ही चाहते हैं। वह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था और उसमें संशोधन लाना दिखाता है कि सरकार की नीयत में खोट है। परिसीमन को लेकर, जनगणना न होने को लेकर हमारा विरोध है। बहस होगी तो हम संसद में सारी बातों को रखेंगे।"

सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने बताया, "हमारी पार्टी कभी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं थी और आज भी हम महिला आरक्षण के समर्थन में हैं लेकिन हमारे दल की चिंता यह है समाज का वंचित वर्ग जिसकी आवाज अब तक जिले तक नहीं पहुंच पाती, उसकी आवाज सदन तक कैसे पहुंचे? ये बात हम सदन के अंदर रखेंगे। सदन ये तय करेगा कि उनकी आवाज सदन तक कैसे पहुंचे ताकि उनकी पीड़ा का निराकरण किया जा सके।"

संसद के विशेष सत्र पर सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, "महिला आरक्षण बिल पहले की सर्वसम्मति से पास हो चुका है, किसी ने विरोध नहीं किया है। अब केंद्र सरकार जो ला रही है, ये बदनीयती है और हम इसका समर्थन नहीं कर सकते।"

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और जल्दबाजी को लेकर सवाल उठाते हैं। यह मुद्दा एक व्यापक सामाजिक चर्चा का हिस्सा है, जिसमें आरक्षण और जनगणना के मुद्दे भी शामिल हैं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव है।
अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने सरकार पर जल्दबाजी में बिल लाने का आरोप लगाया है।
महिला आरक्षण का समर्थन किसने किया?
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है।
क्या सपा महिला आरक्षण के खिलाफ है?
नहीं, समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन कई मुद्दों पर चिंता जताती है।
राजीव राय का क्या कहना है?
राजीव राय ने कहा कि वे महिला आरक्षण बिल को उसी रूप में चाहते हैं जैसे वह पहले पास हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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