<b>अखिलेश यादव</b> की <b>महिला आरक्षण विधेयक</b> पर उठाए गए सवालों पर <b>प्रतुल शाह</b> का जवाब: <b>सपा</b> महिला विरोधी
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक पर अखिलेश यादव का बयान जनगणना की आवश्यकता पर आधारित है।
- प्रतुल शाह ने सपा को महिला विरोधी बताया है।
- इस विधेयक का समर्थन प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं।
- राजनीतिक विवाद में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बयानों की चर्चा है।
- यह मामला महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है।
रांची, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने अखिलेश यादव के संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पर उठाए गए सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी करार दिया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण से संबंधित प्रस्तावित विधेयक पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने से पहले जनगणना का पूरा होना आवश्यक है।
प्रतुल शाह देव ने इस पर कहा, "जब यूपीए के शासन में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था, तब अखिलेश यादव की पार्टी ने उस दस्तावेज को फाड़ दिया था। सपा के सांसदों ने महिलाओं के प्रति बेहद अपमानजनक टिप्पणी भी की थी। अखिलेश यादव इस बिल को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। इस विधेयक का आधार 2011 की जनगणना है। वर्तमान में चल रही जनगणना के आंकड़े आने में समय लगेगा। ऐसे में 2029 के लोकसभा चुनाव में इस बिल को पेश करना उचित नहीं होगा। इसलिए सभी को महिला विधेयक का स्वागत करना चाहिए। सपा की महिला विरोधी मानसिकता बार-बार सामने आ रही है।"
बिहार में कांग्रेस द्वारा जारी 53 जिलाध्यक्षों में सामान्य वर्ग की अधिक भागीदारी पर प्रतुल शाह ने कहा, "राहुल गांधी का ओबीसी प्रेम केवल दिखावा है।"
मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा गुजरात के लोगों को अशिक्षित कहने पर भाजपा नेता ने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि महात्मा गांधी गुजराती थे। गुजरातियों ने अपने पराक्रम और उद्योग से दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। सरदार वल्लभ पटेल की भूमि के लोगों को अशिक्षित बताना घटिया राजनीति है।"
कांग्रेस द्वारा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट होने के आरोप पर प्रतुल शाह ने कहा, "राजनीति का स्तर इससे और गिर नहीं सकता। असम के मुख्यमंत्री पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं, जिसे भाजपा ने पूरी तरह से खंडन किया है।"