11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उज्जैन: 12 घंटे से बोरवेल में फंसा बच्चा, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें बचाव में जुटी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उज्जैन: 12 घंटे से बोरवेल में फंसा बच्चा, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें बचाव में जुटी

सारांश

उज्जैन में एक तीन साल का बच्चा लगभग 12 घंटे से बोरवेल में फंसा हुआ है। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। स्थिति गंभीर है और परिवार के लोग घटनास्थल पर उपस्थित हैं।

मुख्य बातें

बोरवेल में फंसा बच्चा उज्जैन के झलारिया गांव में है।
बचाव कार्य में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ शामिल हैं।
बच्चा 75 फीट की गहराई पर है।
रात भर चले बचाव अभियान में सफलता नहीं मिली।
परिवार घटनास्थल के पास मौजूद है।

उज्जैन, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक तीन वर्षीय बच्चा लगभग 12 घंटे से बोरवेल में फंसा हुआ है। रात भर चले बचाव अभियान में प्रशासन को कोई सफलता नहीं मिली। इस समय, जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और एसडीआरएफ (राज्य आपदा मोचन बल) की टीमें रेस्क्यू में लगी हुई हैं।

सूत्रों के अनुसार, उज्जैन के बड़नगर क्षेत्र के झलारिया गांव में अपने परिवार के साथ भेड़ें चराते समय 3 साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया। बच्चे की स्थिति लगभग 75 फीट की गहराई पर है। बचाव कार्य के तहत सुरंग खोदने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान बच्चे के परिवार के सदस्य घटनास्थल के निकट ही उपस्थित हैं।

जिला प्रशासन ने घटना के कुछ समय बाद ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। कई मशीनें मौके पर भेजी गईं और बोरवेल के आसपास एक और गड्ढा खोदा गया। हालांकि, शुक्रवार की सुबह तक बच्चा बोरवेल में ही फंसा रहा।

उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "गुरुवार की रात करीब 9 बजे से झलारिया गांव में बचाव अभियान जारी है। बच्चा अपने परिवार के साथ भेड़ों को चराने आया था जब वह बोरवेल में गिर गया। बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य टीमें जुटी हुई हैं।"

उन्होंने आगे बताया कि रेस्क्यू टीम ने बच्चे की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोरवेल में एक कैमरा और अन्य उपकरण डाले हैं। निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

एक रिश्तेदार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि उनका बच्चा बोरवेल में गिर गया। उन्होंने कहा, "यह घटना तब हुई जब बच्चा बोरवेल में गिर गया। संभवतः उसने बोरवेल के खुले मुंह को बाल्टी जैसे किसी खुले बर्तन के रूप में समझा। यह घटना शाम करीब 7 बजे हुई। बच्चा गलती से खुले बोरवेल में गिर गया। हमें घटनास्थल से कुछ दूरी पर रहना पड़ा, लेकिन जब हमें घटना की जानकारी मिली, तो हम यहाँ आए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे समाज की सुरक्षा और सुरक्षा उपायों पर भी सवाल खड़ा करती है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इस तरह की घटनाएँ भविष्य में न हों।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बच्चा बोरवेल में कब गिरा?
बच्चा गुरुवार की रात करीब 7 बजे बोरवेल में गिरा।
बचाव कार्य में कौन-कौन सी टीमें शामिल हैं?
बचाव कार्य में जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें शामिल हैं।
बच्चा कितनी गहराई पर फंसा है?
बच्चा लगभग 75 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है।
बचाव कार्य कब शुरू हुआ?
बचाव कार्य घटना के कुछ घंटे बाद शुरू किया गया था।
क्या रेस्क्यू टीम ने बच्चे की गतिविधियों पर नज़र रखी है?
हाँ, रेस्क्यू टीम ने बच्चे की हलचल पर नज़र रखने के लिए बोरवेल में एक कैमरा लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले