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महिला सुरक्षा पर योगी सरकार नाकाम, जातीय जनगणना से भाग रही BJP: अखिलेश यादव का बड़ा हमला

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महिला सुरक्षा पर योगी सरकार नाकाम, जातीय जनगणना से भाग रही BJP: अखिलेश यादव का बड़ा हमला

सारांश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा में BJP और योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला। महिला सुरक्षा में विफलता, जातीय जनगणना से पलायन और संविधान के आरक्षण प्रावधानों की अनदेखी पर सरकार को घेरा। 2027 चुनाव से पहले सपा ने आक्रामक रणनीति अपनाई।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 23 अप्रैल को इटावा में BJP और योगी सरकार पर महिला सुरक्षा में विफलता का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'नारी विरोधी' करार दिया।
जातीय जनगणना पर सपा ने समर्थन दोहराया; कहा — BJP इस माँग से भाग रही है।
भीमराव अंबेडकर के संविधान प्रदत्त आरक्षण प्रावधानों को सही ढंग से लागू न करने का आरोप।
पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत और BJP की ऐतिहासिक हार का दावा।
इटावा में 108 कुंडीय महायज्ञ में शामिल होकर अखिलेश ने सपा शासनकाल के विकास कार्यों का उल्लेख किया।

इटावा, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार, 23 अप्रैल को इटावा में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और योगी आदित्यनाथ सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में महिलाएं और बेटियां सबसे अधिक असुरक्षित हैं, सरकार उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और सम्मान की रक्षा में पूरी तरह विफल रही है, और BJP जातीय जनगणना के मुद्दे से जानबूझकर मुँह मोड़ रही है।

महिला सुरक्षा पर सरकार पर सीधा प्रहार

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सत्तारूढ़ सरकार केवल आँकड़ों की राजनीति करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को महज विधानसभा या लोकसभा में आरक्षण देने से काम नहीं चलेगा — उन्हें जमीनी स्तर पर ठोस सुरक्षा और सम्मान चाहिए।

सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे तौर पर 'नारी विरोधी' करार देते हुए आरोप लगाया कि BJP एक ओर महिला सशक्तिकरण के नारे देती है और दूसरी ओर उनके हितों के विरुद्ध नीतियाँ बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सपा के खिलाफ झूठा प्रचार कर जनता को भ्रमित किया जा रहा है।

जातीय जनगणना से क्यों भाग रही है BJP?

जातीय जनगणना के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इसकी पुरजोर समर्थक है, क्योंकि इससे देश के शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार और सम्मान मिल सकेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर BJP इस जनगणना से क्यों बचती आ रही है।

गौरतलब है कि बिहार में जातीय सर्वेक्षण के बाद देशभर में इस मुद्दे ने राजनीतिक जोर पकड़ा है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर जातीय जनगणना कराई जाए, ताकि ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों की वास्तविक आबादी और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन हो सके।

संविधान और आरक्षण पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान में सुनिश्चित किए गए आरक्षण के प्रावधानों को ईमानदारी से लागू नहीं कर रही। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक ढाँचा कमजोर हो रहा है और हाशिये पर खड़े समुदायों का विश्वास टूट रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परोक्ष रूप से शुरू हो चुकी हैं और दोनों प्रमुख दल — BJP और सपा — पिछड़े व दलित मतदाताओं को साधने की कोशिश में लगे हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव और इटावा के विकास पर भी बोले अखिलेश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने दावा किया कि BJP को वहाँ ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ेगा और ममता बनर्जी एक बार फिर भारी बहुमत से सत्ता में वापस आएंगी।

इटावा के विकास को लेकर उन्होंने BJP सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राज्य सरकार जानबूझकर इटावा के विकास को अवरुद्ध कर रही है, भू-माफियाओं द्वारा जमीन कब्जाने की घटनाएं बढ़ी हैं, और नदियों व जंगलों को भी नुकसान पहुँचाया जा रहा है।

उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को भी प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि BJP की नीतियों से आम जनता और किसान सबसे अधिक पीड़ित हैं।

चकरनगर में महायज्ञ में शामिल हुए अखिलेश

राजनीतिक बयानबाजी से पहले अखिलेश यादव इटावा के चकरनगर स्थित श्री रामकृष्ण परम धाम में आयोजित 108 कुंडीय महायज्ञ एवं भागवत कथा में सम्मिलित हुए और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धर्म का मार्ग न्याय और खुशहाली का मार्ग है, जो किसी के साथ भेदभाव नहीं करता।

उन्होंने सपा शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय इटावा का यह क्षेत्र अत्यंत दुर्गम माना जाता था, किंतु समाजवादी पार्टी की सरकार में यहाँ सड़कों, पुलों और आपातकालीन सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ।

आने वाले हफ्तों में सपा की जातीय जनगणना और महिला सुरक्षा की माँग को लेकर आंदोलन की रणनीति और तेज होने की संभावना है, जो 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की पटकथा का पहला अध्याय है। विडंबना यह है कि जातीय जनगणना का मुद्दा — जिसे BJP दशकों से टालती आई है — अब बिहार सर्वेक्षण के बाद इतना प्रबल हो चुका है कि खुद केंद्र सरकार को इसे स्वीकार करना पड़ा। महिला सुरक्षा पर सरकार की विफलता के आरोप तब और धारदार लगते हैं जब NCRB के आँकड़े बताते हैं कि UP में महिलाओं के खिलाफ अपराध राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है — सपा का यह 'ट्रिपल अटैक' (जाति+महिला+किसान) वही फॉर्मूला है जो 2012 में उन्हें सत्ता में लाया था।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने इटावा में BJP पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP सरकार महिला सुरक्षा, जातीय जनगणना और आरक्षण के मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 'नारी विरोधी' करार दिया और इटावा के विकास में भेदभाव का भी आरोप लगाया।
जातीय जनगणना पर सपा का क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी जातीय जनगणना की पूरी तरह समर्थक है। अखिलेश यादव का कहना है कि इससे पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सकेगा, जबकि BJP इस माँग से लगातार पलायन कर रही है।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ेगा। उनके अनुसार, ममता बनर्जी भारी बहुमत से एक बार फिर सत्ता में वापस आएंगी।
अखिलेश यादव इटावा में किस कार्यक्रम में शामिल हुए?
अखिलेश यादव इटावा के चकरनगर स्थित श्री रामकृष्ण परम धाम में आयोजित 108 कुंडीय महायज्ञ एवं भागवत कथा में शामिल हुए। वहाँ उन्होंने आशीर्वाद लिया और धर्म के न्याय के मार्ग की बात कही।
UP में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष की क्या माँग है?
सपा समेत विपक्षी दलों की माँग है कि सरकार महिलाओं को केवल आरक्षण नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा सुनिश्चित करे। NCRB के आँकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष का कहना है कि UP में महिलाओं के खिलाफ अपराध चिंताजनक स्तर पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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