महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन आवश्यक: गृह मंत्री अमित शाह

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महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन आवश्यक: गृह मंत्री अमित शाह

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने के लिए देशवासियों से अपील की, इसे समय की आवश्यकता मानते हुए। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन सभी से मांगा गया है।
  • गृह मंत्री ने इसे समय की आवश्यकता बताया।
  • यह विधेयक महिलाओं को नीति-निर्माण में भागीदार बनाएगा।
  • प्रधानमंत्री ने इसे दशकों से लंबित सुधार कहा।
  • संसद का सत्र 16 अप्रैल को शुरू होगा।

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक को समय की आवश्यकता बताते हुए सभी से इसका समर्थन करने का अनुरोध किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "महिला आरक्षण बिल आज की आवश्यकता है। नीति-निर्माण में योगदान देने और राष्ट्र को सशक्त बनाने का यह हमारी 'नारी शक्ति' का उचित अधिकार है। मोदी सरकार इस कानून को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

गृह मंत्री ने कहा, "यह एक ऐसा परिवर्तन है जो निश्चित रूप से बेहतर के लिए होना चाहिए और वह भी बिना किसी देरी के। मुझे उम्मीद है कि सभी लोग आगे आएंगे और इस ऐतिहासिक कदम का समर्थन करेंगे।"

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस बिल को लेकर महिलाओं के नाम एक खुला पत्र लिखा।

एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, "पूरे देश में हमारी माताएं, बहनें और बेटियां वर्ष 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं। भारत की नारी शक्ति को समर्पित इस पत्र में मैंने अपने साथी नागरिकों के साथ उस संकल्प को शीघ्र ही साकार करने के विषय पर अपने विचार साझा किए हैं, जो दशकों से लंबित था।"

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 'नारी शक्ति' को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण को मिल रहे बढ़ते समर्थन पर जोर दिया और इस लंबे समय से लंबित सुधार को लागू करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा, "पूरे भारत में महिलाएं विधायी निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की इस पहल की सराहना कर रही हैं। यह रहा भारत की नारी शक्ति को मेरा पत्र, जिसमें मैं दशकों से लंबित इस सुधार को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रहा हूं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत पारंपरिक अभिवादन 'नमस्कार' से की और 14 अप्रैल के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया, जो बीआर अंबेडकर की जयंती का दिन है। डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्र-निर्माण में उनके योगदान और संवैधानिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को आज भी दिशा प्रदान करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि संसद का सत्र 16 अप्रैल को फिर से शुरू होने वाला है, जिसमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से जुड़े एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

Point of View

बल्कि उन्हें नीति-निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करेगा। यह ऐतिहासिक परिवर्तन देश के विकास में एक नया आयाम जोड़ सकता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
इस विधेयक का उद्देश्य क्या है?
इस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और नीति-निर्माण में उनका योगदान सुनिश्चित करना है।
कब से यह विधेयक लागू होगा?
यह विधेयक 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले लागू होने की संभावना है।
कौन-कौन से नेता इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।
क्या यह विधेयक महिलाओं के लिए आवश्यक है?
हाँ, यह विधेयक महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है।
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