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महिलाओं के अधिकारों का अपमान, पीएम मोदी की भावना को समझें: भाजपा

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महिलाओं के अधिकारों का अपमान, पीएम मोदी की भावना को समझें: भाजपा

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के अस्वीकृत होने पर देश को संबोधित किया। भाजपा और सहयोगी दलों ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस मुद्दे पर क्या कह रहे हैं भाजपा नेता।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक: महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव।
पीएम मोदी का खेद: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो सका।
विपक्ष पर आरोप: महिलाओं के अधिकारों का अपमान।
भाजपा का समर्थन: महिलाओं के लिए योजनाओं का कार्यान्वयन।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: विपक्ष की स्थिति और भाजपा का खुलासा।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के अस्वीकृत होने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो सका, जिसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं। इसके बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने विपक्ष पर हमला किया।

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि विपक्ष पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को मिलने वाले अधिकार विपक्ष ने छीन लिए हैं। जनता उन्हें सही सबक सिखाएगी। गुप्ता ने कहा, "पीएम मोदी की भावनाएं आहत हैं, लेकिन वे अपने प्रयासों में कमी नहीं करेंगे। देश की महिलाएं विपक्ष से अपना हिसाब जरूर लेंगी।"

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावनाएं देश की महिलाओं के साथ हैं। मोदी सरकार ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं जैसे उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू किया है। किसी भी सरकार ने महिलाओं के अधिकारों के लिए इतने ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जितने मोदी सरकार ने उठाए हैं। विपक्ष महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने की कोशिश कर रहा है।

भाजपा नेता शोभा गुप्ता ने पीएम मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा लगा जैसे कोई पिता अपनी बेटियों के हक न मिलने पर निराश और आक्रोशित हैं, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वह अपनी बेटियों के सम्मान को कभी कम नहीं होने देंगे। शोभा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति अडिग हैं।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधेयक के अस्वीकृत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह विधेयक देश को गर्वित करता। लोकतंत्र की धरती पर नारी शक्ति का सम्मान बढ़ता है, लेकिन कांग्रेस, राजद, सपा और कम्युनिस्टों ने लोगों को भ्रमित किया है। यह नारी के प्रति अपराध है। ऐसी मानसिकता वाले लोगों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।"

भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रधानमंत्री के संबोधन का स्वागत करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने और महिला आरक्षण की राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता दोहराई।"

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति पूरी दुनिया जानती है। यदि कोई कार्य समाज और राष्ट्र के हित में है तो कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती।

उन्होंने आगे कहा, "यह विपक्ष के लिए बिल का समर्थन करने का अवसर था। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर वे 33 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करना चाहते हैं, तो सदन को एक घंटे के लिए स्थगित किया जा सकता है। फिर भी विपक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया।"

दमोह से मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस का चरित्र हमेशा स्वार्थी और परिवार हित की राजनीति वाला रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि "व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है।" भाजपा कभी निजी हितों को प्राथमिकता नहीं देती।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुख के साथ राष्ट्र को संबोधित किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने महिला विधेयक को पास होने से रोका, लेकिन वे भूल गए कि उन्होंने देश की 50 प्रतिशत आबादी के अधिकारों को कुचल दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि महिला आरक्षण विधेयक का अस्वीकृत होना एक गंभीर मुद्दा है। भाजपा के नेता महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं और विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं कि वे महिलाओं के अधिकारों को कमजोर कर रहे हैं। यह मुद्दा समाज में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है और इसका प्रभाव राजनीतिक परिदृश्य पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है।
क्यों भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाए?
भाजपा का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया है और उन्हें उनके हक से वंचित किया है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो सका, जिसके लिए वे खेद व्यक्त करते हैं।
विपक्ष ने क्या प्रतिक्रिया दी?
विपक्ष ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए भाजपा के आरोपों का खंडन किया है।
महिलाओं के अधिकारों के लिए भाजपा की योजना क्या है?
भाजपा ने महिलाओं के विकास के लिए कई योजनाएं, जैसे उज्ज्वला योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लागू की हैं।
राष्ट्र प्रेस
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